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हरियाणा के किसान के बेटे प्रदीप सिंह ने सिविल सर्विसेज 2019 में किया टॉप, पिछले साल आई थी 260वीं रैंक
Tue, 04 Aug 2020 07:08 PM IST
Rajeev Rai
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Rajeev Rai
Updated Tue, 04 Aug 2020 07:08 PM IST
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आईएएस टॉपर प्रदीप सिंह
- फोटो : Amar Ujala
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संघ लोक सेवा आयोग ने मंगलवार को सिविल सर्विस परीक्षा-2019 का परिणाम जारी कर दिया। कोरोना महामारी और लॉकडाउन के बीच इंटरव्यू करवाने के बाद आयोग ने चयनित परीक्षार्थियों की सूची भी जारी कर दी। देश की इस प्रतिष्ठित परीक्षा में इस बार हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले प्रदीप सुखबीर सिंह ने बाजी मारी है। किसान परिवार से आने वाले प्रदीप ने अपनी मेहनत और लगन से अपने और परिवार के सपने को आखिरकार पूरा कर दिखाया है।
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हरियाणा के सोनीपत के तेवरी गांव के दो बार सरपंच रह चुके सुखबीर सिंह के बेटे प्रदीप ने पिछले साल भी सिविल सर्विस की परीक्षा पास की थी लेकिन अच्छी रैंक नहीं होने की वजह से वे फरीदाबाद में आइआरएस की ट्रेनिंग कर रहे थे और ट्रेनिंग के दौरान भी अपनी पढ़ाई और तैयारी जारी रखी।
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शम्भू दयाल से 2008 में 12वीं पास करने के बाद प्रदीप ने 2012 में मुरथल यूनिवर्सिटी से बीटेक की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने आगे अपनी तैयारी जारी रखी और एसएससी की परीक्षा पास की, जिसके बाद उन्होंने आयकर अधिकारी के रूप में अपनी पहली नौकरी शुरू की। उन्होंने इस पद पर रहते हुए दिल्ली में पांच साल बिताए।
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प्रदीप के मुताबिक, 'मैंने चार बार यूपीएससी की परीक्षा दी थी। पिछले साल, मुझे 260वीं रैंक मिली और फिर मैं फरीदाबाद में भारतीय राजस्व अधिकारी के रूप में तैनात हुआ।
प्रदीप सिंह ने कहा कि उनके लिए एक ही समय में अध्ययन और नौकरी करना बहुत मुश्किल था। मेरा ध्यान हर दिन दिए गए पाठ्यक्रम को पूरा करने पर था। यूपीएससी निरंतरता की मांग करता है और कुछ समय बाद मुझे लगा कि मैं इसे नहीं कर पाऊंगा लेकिन मेरे पिता ने मुझे प्रोत्साहित किया।