फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Haryana: BJP has only three months time, how will BJP save itself from Bhupendra Hooda's move?

Haryana: भाजपा के पास केवल तीन महीने का टाइम, भूपेंद्र हुड्डा के दांव से कैसे बचेगी भाजपा?

Wed, 19 Jun 2024 02:54 PM IST
Amit Sharma Digital अमित शर्मा
Updated Wed, 19 Jun 2024 02:54 PM IST
विज्ञापन
सार
यदि लोकसभा चुनाव के यही आंकड़े अक्तूबर माह में होने वाले विधानसभा चुनाव में ट्रांसफर हुए, तो भाजपा को सत्ता से बेदखल होना पड़ सकता है। पिछले चुनावों में ही भाजपा को दुष्यंत चौटाला की पतवार मिल गई थी, जिसके सहारे उसकी नैया पार हो गई थी, लेकिन इस बार दुष्यंत चौटाला को कितनी सफलता मिलेगी, इस पर कयास लगाए जा रहे हैं। 
loader
Haryana: BJP has only three months time, how will BJP save itself from Bhupendra Hooda's move?
हरियाणा की सियासत - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

पिछले दिनों संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा को हरियाणा में बुरी तरह मात खानी पड़ी थी। पिछले चुनाव में राज्य की सभी दस सीटों पर जीत हासिल करने वाली भाजपा को इस बार केवल पांच सीटों पर जीत मिली है। उसके मत प्रतिशत में भी लगभग 12 फीसदी की कमी आई है। भाजपा के लिए सबसे ज्यादा परेशानी का कारण यह है कि उसकी यह पूरी कमी कांग्रेस के खाते में ट्रांसफर हो गई है। कांग्रेस ने शून्य से आगे बढ़ते हुए न केवल पांच सीटों पर जीत हासिल की, बल्कि उसके मत प्रतिशत में रिकॉर्ड 15 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी हुई। इस सफलता के पीछे कांग्रेस नेता भूपेंद्र हुड्डा और दीपेंद्र सिंह हुड्डा की रणनीति को बहुत ज्यादा श्रेय दिया जा रहा है।  



यदि लोकसभा चुनाव के यही आंकड़े अक्तूबर माह में होने वाले विधानसभा चुनाव में ट्रांसफर हुए, तो भाजपा को सत्ता से बेदखल होना पड़ सकता है। पिछले चुनावों में ही भाजपा को दुष्यंत चौटाला की पतवार मिल गई थी, जिसके सहारे उसकी नैया पार हो गई थी। लेकिन इस बार दुष्यंत चौटाला को कितनी सफलता मिलेगी, इस पर कयास लगाए जा रहे हैं। 


कहा तो यहां तक जा रहा है कि भाजपा से गठबंधन का नुकसान चौटाला को भी उठाना पड़ेगा। जाटों-किसानों की भाजपा से नाराजगी की आंधी में चौटाला का किला भी ढह सकता है और यदि ऐसा हुआ तो चुनाव के बाद बनने वाले समीकरणों में भी भाजपा को झटका लग सकता है। यही कारण है कि अब भाजपा ने अपना किला बचाने के लिए नई रणनीति के साथ अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। किरण चौधरी और श्रुति चौधरी भाजपा के इसी मिशन में सहयोग करेंगी। 



तीन महीने में क्या करेगी भाजपा 
अक्तूबर में हरियाणा में विधानसभा चुनाव होंगे। पार्टी के पास केवल जुलाई, अगस्त और सितंबर यानी तीन महीने का ही समय बचा हुआ है। इस दौरान पार्टी को न केवल लोकसभा चुनाव के झटकों से उबरते हुए राज्य के सामाजिक-जातीय समीकरणों को साधना है, बल्कि उसे उन नाराज वर्गों को भी अपने पाले में लेना है, जो उससे कथित तौर पर नाराज बताए जा रहे हैं। भाजपा की इस रणनीति में किरण चौधरी और श्रुति चौधरी जैसी नेता समाज के अलग-अलग वर्गों को भाजपा के करीब लाने में मदद कर सकती हैं। 

इस चुनाव में आम आदमी पार्टी भी हरियाणा में जोरदार कोशिश कर सकती है। वह दिल्ली की तरह यहां भी मुफ्त योजनाओं की बड़ी घोषणाएं कर भाजपा-कांग्रेस का खेल बिगाड़ने की कोशिश कर सकती है। खुद कांग्रेस भी इस रणनीति को हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक में अपना चुकी है। वह हरियाणा में भी इसका प्रयोग करने की कोशिश करेगी। 

भाजपा विपक्ष की रणनीति के प्रति पूरी तरह सतर्क है। सूत्रों के अनुसार, हरियाणा सरकार इन बचे तीन महीनों में किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए विशेष योजनाओं की शुरुआत कर इनको अपने साथ लाने की कोशिश की जा सकती है। हरियाणा सरकार पहले ही महिलाओं के लिए बस यात्रा मुफ्त करने की घोषणा कर चुकी है। इसी प्रकार की अन्य योजनाओं को लाकर जनता को लुभाने की कोशिश की जा सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed