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हापुड़ भीड़ हिंसा: सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस को जांच करने का आदेश देने से इनकार किया
Tue, 28 May 2019 12:40 PM IST
Shilpa Thakur
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shilpa Thakur
Updated Tue, 28 May 2019 12:40 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : PTI
सुप्रीम कोर्ट ने हापुड़ भीड़ हिंसा मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस को आगे की जांच करने और पूरक आरोप पत्र दायर करने का आदेश देने से इनकार कर दिया है।
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कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई एवं न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की अवकाश पीठ ने कहा कि मांस निर्यातक 45 वर्षीय कासिम कुरैशी की हत्या मामले में आगे की जांच करने और पूरक आरोप-पत्र दायर करने के लिए राज्य पुलिस को निर्देश देने की मांग वाली याचिका पर फैसला निचली अदालत लेगी।
Hapur lynching case: Supreme Court refuses to pass an order directing Uttar Pradesh government with respect to filling of the supplementary charge sheet. pic.twitter.com/BATW8YroVi
— ANI (@ANI) May 28, 2019
मृतक के रिश्तेदार समीउद्दीन की ओर से दायर नई अंतरिम याचिका पर पीठ सुनवाई कर रही थी। जिसमें कहा गया है कि मीट निर्यातक के दोनों भाइयों की तरफ से हापुड़ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज कराए गए बयानों में हुए खुलासों के मद्देनजर आगे जांच की जरूरत है।
याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए पीठ ने समीउद्दीन से निचली अदालत का रुख करने को कहा जो कानून के मुताबिक फैसला लेगी। इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने शीर्ष अदालत को सूचित किया था कि उसने हापुड़ भीड़ हत्या मामले में जांच पर नई स्थिति रिपोर्ट दायर की है।
अदालत ने आठ अप्रैल को राज्य सरकार को इस मामले में स्थिति रिपोर्ट दायर करने को कहा था, जिसमें पिछले साल जून में गोरक्षा के नाम पर एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी और अन्य के साथ बुरी तरह मारपीट की गई थी।