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घर बेचकर चार साल में बनाया अनोखा तिरंगा, तमन्ना सिर्फ एक, लाल किले पर फहराएं प्रधानमंत्री
Mon, 29 Apr 2019 08:41 PM IST
Gaurav Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आंध्र प्रदेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आंध्र प्रदेश
Published by: Gaurav Pandey
Updated Mon, 29 Apr 2019 08:41 PM IST
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हाथ से बुना गया तिरंगा
- फोटो : एएनआई
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एक बुनकर का दावा है कि उसने चार साल लगाकर नायाब तिरंगा झडा बनाया है और उसकी इच्छा है कि इसे प्रधानमंत्री लाल किले पर फहराएं। पश्चिम गोदावरी जिले के वेमावरम गांव निवासी आरआर सत्यनारायण के मुताबिक उसने राष्ट्रवादी भावना से प्रेरित होकर बिना जोड़ और सिलाई के यह तिरंगा बनाया है। पहले उसने 4 गुणा 6 फुट का झंडा बनाया लेकिन जब उसे लगा कि इसका आकार लाल किले के अनुरूप नहीं है तो आर्थिक मदद लेकर 8 गुणा 12 फुट का झंडा बनाया।
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सत्यनारायण ने बताया कि उसने तीन रंगों के 2400 धागों का इस्तेमाल किया और हथकरघा की जामदानी व पैसानी शैली पर झंडा बनाया। ध्वज के मध्य में अशोक चक्र में 24 तीलियों भी स्पष्ट दिखें इसका भी खास ख्याल रखा गया। सत्यनारायण का कहना है, ‘मेरा सपना है कि लाल किले पर हाथों से बुना राष्ट्रीय ध्वज फहरे। मैंने जो झंडा बनाया है, वह सिर्फ धागों से बना है। इसमें न कोई जोड़ है और न ही सिलाई की गई है। मुझे उम्मीद है कि सरकार इस राष्ट्रीय ध्वज को लाल किले पर फहराने में सहायता करेगी।’ सत्यनारायण का कहना है कि यह तिरंगा बनाने में उसके साढ़े छह लाख रुपये खर्च हो गए और घर भी बिक गया।
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