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Tejas: भारत के तेजस को खरीदकर खुद को मजबूत करना चाहते हैं यह देश, HAL प्रमुख ने बताया आखिर कहां अटक रहा सौदा
Thu, 07 Dec 2023 03:10 PM IST
काव्या मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Thu, 07 Dec 2023 03:10 PM IST
सार
तेजस हिन्दुस्तान एरोनाटिक्स लिमिटेड द्वारा विकसित एक सीट और एक जेट इंजन वाला, अनेक भूमिकाओं को निभाने में सक्षम एक हल्का युद्धक विमान है। इसे खरीदने के लिए कई देशों के साथ बातचीत चल रही है।
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एचएएल सीबी अनंतकृष्णन
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
तेजस एक हल्का व कई तरह की भूमिकाओं वाला जेट लड़ाकू विमान है, जिसे भारत में बनाया गया है। अब दुनियाभर के कई देश इसे खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सीबी अनंतकृष्णन ने बुधवार को कहा कि नाइजीरिया, फिलीपींस, अर्जेंटीना और मिस्र ने स्वदेश निर्मित हल्के लड़ाकू विमान तेजस की खरीद में रुचि दिखाई है।
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अनंतकृष्णन ने कहा कि नाइजीरिया, फिलीपीन और मिस्र तेजस हल्के लड़ाकू विमान खरीदने के इच्छुक हैं। खरीद को लेकर इन देशों के साथ बातचीत चल रही है।
क्या है खास
बता दें, तेजस एक हल्का व कई तरह की भूमिकाओं वाला जेट लड़ाकू विमान है। यह हिन्दुस्तान एरोनाटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा विकसित एक सीट और एक जेट इंजन वाला, अनेक भूमिकाओं को निभाने में सक्षम एक हल्का युद्धक विमान है।
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कलपुर्जे ब्रिटेन से मंगाए गए
एचएएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक ने कहा कि विमान के कुछ कलपुर्जे ब्रिटेन से मंगाए गए हैं। अगर सौदे पर मुहर लग जाती है तो भारत अर्जेंटीना को तेजस विमानों की आपूर्ति कैसे आगे बढ़ाएगा इस पर विचार किया जाएगा। साथ ही कोई न कोई समाधान निकाला जाएगा।
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सैन्य खरीद-ब्रिकी पर प्रतिबंध लगा
दरअसल, 1982 के फॉकलैंड युद्ध के बाद ब्रिटेन ने अर्जेंटीना के साथ सैन्य खरीद-ब्रिकी पर प्रतिबंध लगा दिया था। खासकर हार्डवेयर की आपूर्ति को रोक दिया गया था। इसी वजह से जब इन देशों के साथ तेजस की खरीद की बात चली तो भारत के सामने यह समस्या आ खड़ी हुई।
यह हो चुके हैं सौदे
जुलाई में, अर्जेंटीना के रक्षा मंत्री ने रक्षा औद्योगिक साझेदारी को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करने के साथ भारत का दौरा किया। एचएएल ने अर्जेंटीना की वायु सेना के साथ अपने दो टन श्रेणी के हेलीकॉप्टरों के पुर्जों और सेवाओं को प्रदान करने के लिए एक समझौता किया था। भारत और फिलीपींस के बीच रक्षा संबंध पिछले कुछ वर्षों में प्रगाढ़ हुए हैं। वहीं, जनवरी में फिलीपींस ने ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल की तीन बैटरियों की खरीद के लिए भारत के साथ 37.5 करोड़ डॉलर का सौदा किया था।