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Haj Yatra 2022: केंद्रीय मंत्री नकवी ने हज यात्रा के पहले जत्थे को दिखाई हरी झंडी, अग्निपथ को लेकर कही यह बड़ी बात

Sat, 18 Jun 2022 04:21 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 18 Jun 2022 04:21 PM IST
सार

इस साल कम से कम 79,237 भारतीय मुसलमान हज यात्रा पर जाएंगे और उनमें से करीब 50 फीसदी महिलाएं हैं। इनमें कम से कम 56,601 भारतीय, हज समिति और 22,636, हज समूह आयोजकों (एचजीओ) के जरिए जा रहे हैं। 

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haj yatra 2022 Haj pilgrims should pray for peace and prosperity says mukhtar abbas Naqvi embarkation point
केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी - फोटो : amar ujala

विस्तार

केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने शनिवार को कहा कि भारत के हज यात्रियों को पूरी दुनिया की शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना करनी चाहिए। नकवी ने यहां छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से हज यात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाई।
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207 पुरुषों और 203 महिलाओं समेत 410 तीर्थयात्रियों का पहला जत्था मुंबई एयरपोर्ट से यात्रा कर रहा है। मुंबई से 19 उड़ानों में करीब 8,000 नमाजी यात्रा करेंगे। 
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केंद्रीय मंत्री ने बताया कि हज 2022 के लिए उड़ानें 4 जून से शुरू हुईं। हज यात्री दस आरोहण बिंदुओं (एम्बार्केशन पॉइंट्स) अहमदाबाद, बेंगलुरु, कोचीन, दिल्ली, गुवाहाटी, हैदराबाद, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई और श्रीनगर से यात्रा करेंगे। नकवी ने कहा कि भारत के हज यात्रियों को पूरी दुनिया की शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना करनी चाहिए। उन्हें प्रार्थना करनी चाहिए कि मानवता हर तरह के संकट से सुरक्षित रहे। 
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उन्होंने कहा कि हज यात्रियों के लिए बेहतर सुविधा के लिए 100 फीसदी डिजिटल/ऑनलाइन प्रक्रिया के साथ हजयात्रा सफलतापूर्वक की जा रही है। उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रियों को डिजिटल हेल्थ कार्ड, ई-मसीहा स्वास्थ्य सुविधा और ई-सामान प्री-टैगिंग, मक्का मदीना में आवास और परिवहन के बारे में जानकारी सहित कई ऑनलाइन सुविधाएं प्रदान की गई हैं।  

इस साल कम से कम 79,237 भारतीय मुसलमान हज यात्रा पर जाएंगे और उनमें से करीब 50 फीसदी महिलाएं हैं। इनमें कम से कम 56,601 भारतीय, हज समिति और 22,636, हज समूह आयोजकों (एचजीओ) के जरिए जा रहे हैं। 

हज समूहों की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और ऑनलाइन कर दिया गयाहै। 1,800 से अधिक महिलाएं मेहरम (पुरुष साथी) के बिना हज यात्रा कर रही हैं और बिना लॉटरी सिस्टम के हज पर जा रही हैं।

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि गुजरात के हजयात्री अहमदाबाद आरोहण बिंदु से यात्रा करते हैं और कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले के लोग बेंगलुरु से जाते हैं। 

उन्होंने कहा कि केरल, लक्षद्वीप, पुडुड्चेरी, तमिलनाडु और अंडमान और निकोबार के हजयात्री कोचीन से यात्रा करेंगे जबकि दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, उत्तराखंड, राजस्थान, उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों के लोग दिल्ली से यात्रा करेंगे। 

मंत्री ने बताया कि असम, मेघालय, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और नागालैंड के हजयात्री गुवाहाटी से यात्रा करेंगे। जबकि पश्चिम  बंगाल, ओडिशा, त्रिपुरा, झारखंड और बिहार के लोग कोलकाता आरोहण बिंदु से यात्रा करेंगे। 

नकवी ने बताया कि महाराष्ट्र, गोवा, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, दमन और दीव, दादर और नागर हवेली के लोग मुंबई से यात्रा करेंगे। जबकि जम्मू-कश्मीर, लेह-लद्दाख-कारगिल के हजयात्री श्रीनगर से यात्रा करेंगे।  

अग्निपथ योजना : नकवी ने हिंसा को लेकर विपक्ष पर साधा निशाना

अग्निपथ योजना को लेकर जारी हिंसक विरोध के बीच केंद्री मंत्री नकवी ने शनिवार को विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि युवाओं को अपने उज्ज्वल भविष्य के 'सही रास्ते' में किसी भी 'विनाशकारी बाधा' को नहीं आने देना चाहिए।

नकवी ने कहा, "पूर्वाग्रही मानसिकता वाले कुछ लोग पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ राजनीतिक एलर्जी की अपनी सनक को देश के युवाओं की सकारात्मक ऊर्जा के खिलाफ साजिश में बदलने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन हमें इस तरह की साजिश को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देना चाहिए।"

सरकार ने सेना में अल्पकालिक भर्ती के लिए मंगलवार को अग्निपथ योजना का अनावरण किया था। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश के युवाओं को अपने भविष्य के 'पदोन्नति' पर किसी 'भ्रम' को हावी नहीं होने देना चाहिए। उन्होंने कहा, "हमें देश के युवाओं की सकारात्मक ऊर्जा और उनके राष्ट्रवाद पर पूरा भरोसा है।"

अग्निपथ योजना का अनावरण करते हुए सरकार ने कहा था कि साढ़े 17 से 21 वर्ष की आयु के युवाओं को चार साल के कार्यकाल के लिए सेना में शामिल किया जाएगा, जबकि 25 प्रतिशत रंगरूटों को नियमित सेवा के लिए बनाए रखा जाएगा। थलसेना, नौसेना और वायु सेना में सैनिकों के नामांकन के नए मॉडल के खिलाफ देश के कई हिस्सों में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए जिसके बाद इसके लिए आयु सीमा गुरुवार को बढ़ाकर 23 वर्ष कर दी गई।


वहीं हिंसक प्रदर्शनों के दौरान तेलंगाना के सिकंदराबाद में पुलिस फायरिंग में एक व्यक्ति की मौत हो गई। कई ट्रेनों को आग के हवाले किया गया और निजी वाहनों पर भी हमला किया गया। 'अग्निपथ' के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के बीच शुक्रवार को कई राज्यों में रेलवे स्टेशनों और राजमार्गों को युद्ध के मैदान में बदल दिया गया। 
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