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NCHAC: गुवाहाटी HC ने एनसी हिल्स स्वायत्त परिषद का 42वां संशोधन किया रद्द, बताया अधिकार क्षेत्र के बाहर

Tue, 12 May 2026 07:07 PM IST
Sandhya Kumari न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Sandhya Kumari Updated Tue, 12 May 2026 07:07 PM IST
सार

गौहाटी हाई कोर्ट ने एनसी हिल्स स्वायत्त परिषदl के दलबदल विरोधी कानून को असंवैधानिक बताते हुए रद्द कर दिया। अदालत ने कहा कि परिषद को संविधान की छठी अनुसूची से बाहर जाकर ऐसा कानून बनाने का अधिकार नहीं है।

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Guwahati HC Quashes 42nd Amendment to NC Hills Autonomous Council Citing It as Beyond Jurisdiction
गुवाहाटी उच्च न्यायालय - फोटो : एएनआई

विस्तार

गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने एनसी हिल्स स्वायत्त परिषद द्वारा पारित दलबदल विरोधी कानून को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया है। अदालत ने कहा कि यह कानून बिना किसी अधिकार क्षेत्र के बनाया गया था। मुख्य न्यायाधीश आशुतोष कुमार और न्यायाधीश अरुण देव चौधरी की पीठ ने 07 मई को यह आदेश दिया।

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2017 के नियम 18ए की संवैधानिक वैधता को चुनौती

यह आदेश दीमा हसाओ जिले के कुछ निवासियों द्वारा दायर एक याचिका पर पारित किया गया। याचिका में एनसी हिल्स स्वायत्त परिषद (42वां संशोधन) अधिनियम, 2017 के नियम 18ए की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई थी। यह नियम परिषद के निर्वाचित सदस्यों को दलबदल के आधार पर अयोग्य ठहराने का प्रावधान करता था।

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नए नियम के तहत, यदि कोई सदस्य स्वेच्छा से अपनी राजनीतिक पार्टी की सदस्यता छोड़ देता है, तो उसे अयोग्य घोषित किया जा सकता था। साथ ही, यदि वह पार्टी के किसी निर्देश या व्हिप के विपरीत परिषद में मतदान करता या मतदान से अनुपस्थित रहता, तो भी अयोग्य होता। 

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परिषद को केवल सूचीबद्ध विषयों पर कानून बनाने का अधिकार

उच्च न्यायालय ने सुनवाई के बाद अपने आदेश में संशोधन को असंवैधानिक बताया। अदालत ने कहा कि एनसी हिल्स स्वायत्त परिषद, संविधान की छठी अनुसूची के तहत एक निकाय है। इसे कानून बनाने के लिए सूचीबद्ध विषयों से परे कोई अधिकार नहीं है। अदालत ने माना कि नियम 18ए मूल रूप से एक दलबदल विरोधी कानून है, जो छठी अनुसूची के दायरे से बाहर है। यह क्षेत्र संविधान की दसवीं अनुसूची के अंतर्गत आता है, जो इस विषय पर एक पूर्ण संवैधानिक संहिता प्रदान करती है।

उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि नियम 18ए अल्ट्रा वायर्स और असंवैधानिक है। अदालत ने कहा कि दलबदल के विषय पर कानून बनाने की क्षमता एनसी हिल्स स्वायत्त परिषद के पास नहीं है। यह विषय केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। अदालत ने अपने फैसले में कहा, "नियम 18ए अमान्य और शून्य घोषित किया जाता है, क्योंकि एनसी हिल्स स्वायत्त परिषद के पास दलबदल के विषय पर कानून बनाने की कोई क्षमता नहीं है।" इसलिए, अदालत के पास इस कानून को अमान्य घोषित करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।



 
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