तमिलनाडुः आरएन रवि बोले- लोकायुक्त प्रणाली कमजोर की गई तो निभानी होगी भूमिका, राज्यपाल रबर स्टैंप नहीं
आर एन रवि ने कहा कि संस्था को कमजोर करने वाले किसी भी तरह के संशोधन पर राज्यपाल को फैसला करना होगा क्योंकि राज्यपाल रबर स्टैंप नहीं होते हैं।ो
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तमिलनाडु के राज्यपाल आर एन रवि ने मंगलवार को कहा कि अगर लोकायुक्त प्रणाली को कमजोर करने के लिए किसी राज्य सरकार द्वारा कोई प्रयास किया गया, तो राज्यपाल को भूमिका निभानी ही होगी क्योंकि वे रबर स्टैंप नहीं हैं। यहां आयोजित लोकायुक्त दिवस कार्यक्रम में रवि ने कहा कि अगर संविधान के दायरे में लोकायुक्त की संस्था को कमजोर करने का कोई प्रयास किया गया है, तो इसमें राज्यपालों को भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि संस्था को कमजोर करने वाले किसी भी तरह के संशोधन पर राज्यपाल को फैसला करना होगा क्योंकि राज्यपाल रबर स्टैंप नहीं होते हैं। इस कार्यक्रम में केरल के कानून मंत्री पी राजीव भी मौजूद थे।
केरल के संदर्भ में राज्यपाल ने की टिप्पणी
उनकी टिप्पणी इस मायने में महत्व रखती है क्योंकि केरल में एलडीएफ सरकार ने हाल ही में विवादास्पद लोकायुक्त (संशोधन) विधेयक पारित किया है, जो भ्रष्टाचार विरोधी प्रहरी की रिपोर्ट पर कार्यपालिका को निर्णय करने का अधिकार देता है। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने अभी तक इस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। आरिफ मो. खान 30 अगस्त को इसके पारित होने के बाद से आज तक बिल को मंजूरी नहीं देने के लिए केरल में वामपंथी सरकार की तीखी आलोचना का सामना कर रहे हैं। एलडीएफ द्वारा राजभवन तक आयोजित विरोध मार्च भी एक मुद्दा बना हुआ है।
बिल का पुरजोर विरोध करने वाला कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्ष शुरू से ही यह दावा करता रहा है कि संशोधन लोकतांत्रिक व्यवस्था में भ्रष्टाचार विरोधी तंत्र को कमजोर करेगा। यहां आयोजित लोकायुक्त दिवस समारोह में राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीसन ने कहा कि लोकायुक्त अधिनियम में संशोधन न केवल इसे कमजोर करेगा, बल्कि कार्यपालिका को न्यायपालिका के अधिकार भी प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया द्वारा लिए गए निर्णयों पर कार्यपालिका फैसला लेगी।