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Gujrat Election: क्या गुजरात में कामयाब होगा केजरीवाल का ये दांव? या होगा गोवा-उत्तराखंड वाला हाल

Tue, 27 Sep 2022 07:10 AM IST
Amit Sharma Digital अमित शर्मा
Updated Tue, 27 Sep 2022 07:10 AM IST
सार

Gujrat Election: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शक्ति सिंह गोहिल ने अमर उजाला से कहा कि अरविंद केजरीवाल की पूरी राजनीति केवल प्रचार के बल पर चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल दिल्ली के लोगों के बजट से पंजाब का चुनाव प्रचार किया था और अब दिल्ली-पंजाब के पैसे से गुजरात में चुनाव प्रचार करवा रहे हैं...

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Gujrat Election: Arvind Kejriwal Hosts Sanitation Worker For Lunch
Gujrat Election: गुजरात से आए हर्ष सोलंकी के परिवार के साथ भोजन करते सीएम अरविंद केजरीवाल - फोटो : Agency

विस्तार

चुनाव करीब आते ही विभिन्न दलों के नेता गरीबों और दलितों के यहां भोजन कर उस समाज के लोगों के साथ स्वयं को जोड़ने की कोशिश करते हैं। भाजपा, कांग्रेस सहित सभी राजनीतिक दल समय-समय पर इस चुनावी तिकड़म को आजमाते आए हैं। सोमवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुजरात के एक सफाई कर्मचारी को दिल्ली बुलाकर उसके परिवार के साथ स्वयं भोजन किया। इस दौरान अरविंद केजरीवाल के परिवार के साथ-साथ गुजरात के सह-प्रभारी बनाए गए राघव चड्ढा भी उपस्थित थे। पिछले रविवार को अहमदाबाद में सफाई कर्मचारियों का एक सम्मलेन करने के दौरान केजरीवाल ने उन्हें अपने घर आने का न्योता दिया था। आम आदमी पार्टी ने इसे समाज के सबसे निचले तबके को सम्मान दिलाने की आंबेडकर के सपनों को पूरा करने की कोशिश बताया है। हालांकि, भाजपा और कांग्रेस ने इसे केवल समाचारों में बने रहने का दांव करार दिया है।

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दरअसल, दिल्ली में अपनी राजनीतिक जड़ें जमाने के लिए अरविंद केजरीवाल ने इसी तरह की कोशिशें की थीं। उन्होंने सफाई कर्मचारियों, ऑटो रिक्शा चालकों और संविदा पर काम करने वाले कर्मचारियों से लगातार संपर्क साधा और उनके मुद्दों के साथ स्वयं को जोड़ा। इसका आम आदमी पार्टी को सीधा लाभ हुआ और वह इन मतदाताओं के बीच एक लोकप्रिय पार्टी बनकर उभरी। केजरीवाल अब यही दांव गुजरात में भी चलाना चाहते हैं। लेकिन क्या गुजरात के हालात वही हैं, जिसमें उन्हें इसका बड़ा चुनावी लाभ मिल सकता है? राजनीतिक विश्लेषकों को इसमें संदेह है।

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सरप्लस बजट वाले राज्य में कोई काम नहीं कर सके केजरीवाल  

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शक्ति सिंह गोहिल ने अमर उजाला से कहा कि अरविंद केजरीवाल की पूरी राजनीति केवल प्रचार के बल पर चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल दिल्ली के लोगों के बजट से पंजाब का चुनाव प्रचार किया था और अब दिल्ली-पंजाब के पैसे से गुजरात में चुनाव प्रचार करवा रहे हैं। केजरीवाल को दिल्ली में पहले ही एक सरप्लस बजट वाला राज्य मिला था, लेकिन इसके बाद भी वे अपने शासनकाल में अब तक एक भी स्कूल-कॉलेज या अस्पताल नहीं बनवा पाए हैं।

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उन्होंने आरोप लगाया कि कोरोना काल के दौरान वे मरीजों का इलाज तक नहीं कर सके, इसके बावजूद यदि वे अपनी स्वास्थ्य व्यवस्था के बेहतर करने का दावा करते हैं तो यह हास्यास्पद है। उन्होंने कहा कि जब एक सरप्लस बजट वाले राज्य में वे कोई काम नहीं कर सके तो भारी कर्ज में डूबे राज्य गुजरात में वे क्या कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि गुजरात में जड़ें जमाने का दावा कर रहे केजरीवाल को गुजरात में एक सीट के लिए भी तरसना पड़ जाएगा और उनके उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो जायेगी।  

उत्तराखंड-गोवा वाला होगा हाल- भाजपा

दिल्ली भाजपा प्रदेश प्रवक्ता नेहा शालिनी दुआ ने अमर उजाला से कहा कि बड़े-बड़े राजनीतिक दावे कर अरविंद केजरीवाल मतदाताओं को भ्रमित करने की कोशिश करते हैं। उनकी कोशिश होती है कि इससे उन मतदाताओं को भरमा सकें, जो चुनावों में अंतिम क्षणों में उस दल को वोट देना पसंद करते हैं, जो उनके अनुसार जीतने की स्थिति में हो। लेकिन केजरीवाल का यह दांव उत्तराखंड, गोवा और उत्तर प्रदेश सहित सभी राज्यों में फेल साबित हुआ है।

इन राज्यों में वे इस तरह का दावा कर रहे थे जैसे वे सरकार बनाने जा रहे हों, लेकिन चुनाव परिणाम आने पर पता चला कि ज्यादातर राज्यों में केजरीवाल के सभी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। यहां तक कि उत्तराखंड में उसके मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तक को जीत नहीं मिली। केजरीवाल के दोहरे चरित्र को देखते हुए उनके ज्यादातर नेताओं ने उनका साथ छोड़ दिया। यहां तक कि मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तक ने उनका साथ छोड़ दिया।



नेहा शालिनी दुआ ने कहा कि आज की जनता बेहद जागरूक है। वह इस तरह की फर्जी चुनावी कोशिशों और ईमानदार राजनीति में फर्क समझती है। यही कारण है कि केजरीवाल को दिल्ली-पंजाब छोड़कर आज तक कहीं सफलता नहीं मिल पाई, जबकि पीएम नरेंद्र मोदी की नीतियों को समर्थन देते हुए जनता ने लंबे समय से गुजरात में भाजपा को समर्थन देना जारी रखा है। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी को गुजरात में एक सीट पर भी जीतना मुश्किल होगा।

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