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असम: कोर्ट ने मारपीट मामले में गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजा, जमानत याचिका खारिज
Tue, 26 Apr 2022 05:38 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Tue, 26 Apr 2022 05:38 PM IST
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Jignesh Mevani
गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी को पुलिस अधिकारियों पर हमला करने के मामले में असम के बारपेटा जिले की एक स्थानीय अदालत ने पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका भी खारिज कर दी। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ एक आपत्तिजनक ट्वीट के मामले में असम से गिरफ्तार हुए गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी को असम की कोकराझार कोर्ट ने सोमवार को जमानत दे दी थी। हालांकि, असम पुलिस ने जमानत मिलने के बाद अधिकारियों पर हमला करने के आरोप में फिर से गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने बताया कि कांग्रेस समर्थित विधायक मेवानी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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गौरतलब है कि पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में असम पुलिस ने मेवाणी के खिलाफ केस दर्ज किया था। जानकारी के मुताबिक, मेवाणी को सड़क मार्ग से अहमदाबाद ले जाया गया, वहां से उन्हें ट्रेन से असम के गुवाहाटी लाया गया और फिर सड़क मार्ग से कोकराझार ले जाया गया था। वह वड़गाम से कांग्रेस विधायक हैं। उन्होंने अपने ट्वीट में दावा किया था, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो कि गोडसे को गॉड मानते हैं, उन्हें गुजरात में सांप्रदायिक संघर्ष के खिलाफ शांति व सौहार्द की अपील करना चाहिए।'
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उक्त ट्वीट को लेकर मेवाणी के खिलाफ भादंवि की धारा 120 बी (आपराधिक षड्यंत्र), धारा 153 (A) (दो समुदायों के खिलाफ शत्रुता बढ़ाना), 295(A) और 504 (शांति भंग करने के इरादे से भड़काने वाली बातें कहना) तथा आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया था।
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