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गुजरात: जेन उद्यान व कैजान अकादमी का उद्घाटन, पीएम मोदी ने बताई जापान से रिश्तों की प्रासंगिकता

Sun, 27 Jun 2021 06:00 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Sun, 27 Jun 2021 06:00 PM IST
सार

जेन-कैजान’ का मकसद जापानी कला, संस्कृति, प्राकृतिक छटा और वास्तुशिल्प के विभिन्न तत्वों को दर्शाना है। पीएम मोदी ने इस मौके पर कहा कि भारत में जो ध्यान है वही जापान में जेन है।
 

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Gujarat: Inauguration of Zen Garden and Kaizen Academy, PM Modi told the relevance of relations with Japan
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : PTI

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार अहमदाबाद प्रबंधन संघ (एएमए) के परिसर में स्थापित जापानी जेन उद्यान और कैजान अकादमी का डिजिटल तरीके से उद्घाटन किया। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये संबोधित करते हुए कहा कि अहमदाबाद में जेन उद्यान और कैजान अकादमी के खुलने से दोनों देशों के बीच संबंध और प्रगाढ़ होंगे। 

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पीएम मोदी ने कोविड-19 संकट के दौरान भारत तथा जापान के बीच साझेदारी वैश्विक स्थिरता और समृद्धि के लिए और अधिक प्रासंगिक हो गई है तथा उन्होंने दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने का आह्वान किया।
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जापान के पीएम सुगा अत्यंत सरल व्यक्ति
मोदी ने कहा कि जापान के वर्तमान प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा अत्यंत सरल व्यक्ति हैं। मेरा और प्रधानमंत्री सुगा का मानना है कि इस कोविड-19 महामारी संकट के दौरान भारत एवं जापान की मित्रता और हमारी साझेदारी वैश्विक स्थिरता एवं समृद्धि के लिए और भी अधिक प्रासंगिक हो गई है। आज, जब हम कई वैश्विक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, तो ऐसे में यह समय की मांग है कि हमारी दोस्ती और रिश्ता दिन-ब-दिन मजबूत हो।
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पीएमओ में जापान प्लस की खास व्यवस्था
प्रधानमंत्री ने कहा कि कैजान अकादमी की स्थापना जैसे प्रयास इस रिश्ते को सुंदर तरीके से प्रतिबिंबित करते हैं। हम वर्षों से अपनी खास रणनीतिक और वैश्विक भागीदारी को मजबूत करते रहे हैं। इसके लिए हमने प्रधानमंत्री कार्यालय में ‘जापान प्लस’ (भारत में वृहद जापानी निवेश को बढ़ावा देने वाले अधिकारियों के दल) की खास व्यवस्था भी की है।

यह है 'जेन-कैजान' का मकसद
इससे पहले, जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया था कि एएमए स्थित 'जेन-कैजान' का मकसद जापानी कला, संस्कृति, प्राकृतिक छटा और वास्तुशिल्प के विभिन्न तत्वों को दर्शाना है। यह एएमए स्थित जापान सूचना एवं अध्ययन केंद्र तथा भारत-जापान मैत्री संघ (आईजेएफए), गुजरात का संयुक्त प्रयास है जिसे जापान की हयोगो इंटरनेशनल एसोसिएशन (एचआईए) का समर्थन प्राप्त है।

कैजान अकादमी भारत में जापानी कार्य संस्कृति का प्रसार करे
मोदी ने कहा कि मैं चाहूंगा कि कैजान अकादमी भारत में जापान की कार्य संस्कृति का प्रसार करे और दोनों देशों के बीच व्यापारिक संपर्क को बढ़ाए। हमें इस दिशा में पहले से चल रहे प्रयासों को भी नई ऊर्जा भी देनी है। मुझे यकीन है कि हमारे प्रयास इसी तरह जारी रहेंगे और भारत एवं जापान मिलकर विकास की नई ऊंचाइयां छुएंगे।

शिंजो आबे की यात्रा को याद किया
जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि आबे जब गुजरात की यात्रा पर आए थे तो दोनों देशों के बीच संबंधों को नयी गति मिली थी। जब मुंबई-अहमदाबाद की बुलेट ट्रेन परियोजना का काम शुरू हुआ तो वह बहुत उत्साहित थे। मोदी ने कहा कि वह जब भी जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे से बात करते हैं, तो आबे अपनी गुजरात यात्रा को जरूर याद करते हैं।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत और जापान बाहरी प्रगति और समृद्धि के लिए समर्पित रहे हैं और साथ ही दोनों देशों ने आंतरिक शांति एवं प्रगति को भी महत्ता दी है। उन्होंने कहा कि जापानी जेन उद्यान 'शांति और सादगी की खोज की सुंदर अभिव्यक्ति है।' उन्होंने कहा कि भारत के लोगों ने योग और आध्यात्मिकता से सदियों से जो शांति और सादगी सीखी है, वे यहां उसकी झलक देखेंगे। उन्होंने कहा, 'जापान में जो 'जेन' का अर्थ है वही भारत में 'ध्यान' है।

उन्होंने कहा कि जापान वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन के साझेदार देश के तौर पर शुरुआत से जुड़ा और आज भी सबसे बड़ा प्रतिनिधिमंडल जापान का है। उन्होंने कहा कि जापान ने गुजरात में, उसके लोगों की ताकत में जो विश्वास दिखाया है उसे देखकर हमें संतुष्टि होती है।


मोदी ने कहा कि गुजरात में ऑटोमोबाइल, बैंकिंग, निर्माण और दवा समेत विभिन्न क्षेत्रों में 135 से अधिक जापानी कंपनियां काम कर रही हैं। ये कंपनियां गुजरात के युवाओं के कौशल विकास में भी मदद कर रही हैं।

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