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गुजरात में दलित हत्याकांड के 4 साल बाद जांच को एसआईटी गठित
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Sun, 21 Aug 2016 03:38 AM IST
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गुजरात में दलितों का विरोध प्रदर्शन
- फोटो : PTI
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गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले के थांगद में तीन दलितों की गोली मारकर हत्या करने की घटना के चार साल बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का निर्णय किया है। सरकार की तरफ से जारी विज्ञप्ति में शनिवार को बताया गया कि दलित नेताओं के आग्रह पर मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने एसआईटी गठित करने का निर्णय किया।
विज्ञप्ति में राज्य के गृह मंत्री प्रदीप सिंह जडेजा के हवाले से कहा गया कि मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने कैबिनेट मंत्री आत्माराम परमार, पूर्व मंत्री रमन लाल वोरा और राज्यसभा सदस्य शंभू प्रसाद टुंडिया सहित दलित नेताओं के आग्रह पर यह निर्णय किया।
सरकार ने विशेष अदालत का गठन करने और मामले में तेजी लाने के लिए विशेष लोक अभियोजक की नियुक्ति करने का भी निर्णय किया है। सरकार ने मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के परिजन को दो-दो लाख रुपये अतिरिक्त मुआवजा देने का भी निर्णय किया है जो पहले के मुआवजे के अतिरिक्त होगा।
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विज्ञप्ति में राज्य के गृह मंत्री प्रदीप सिंह जडेजा के हवाले से कहा गया कि मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने कैबिनेट मंत्री आत्माराम परमार, पूर्व मंत्री रमन लाल वोरा और राज्यसभा सदस्य शंभू प्रसाद टुंडिया सहित दलित नेताओं के आग्रह पर यह निर्णय किया।
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सरकार ने विशेष अदालत का गठन करने और मामले में तेजी लाने के लिए विशेष लोक अभियोजक की नियुक्ति करने का भी निर्णय किया है। सरकार ने मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के परिजन को दो-दो लाख रुपये अतिरिक्त मुआवजा देने का भी निर्णय किया है जो पहले के मुआवजे के अतिरिक्त होगा।
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