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गुजरात: आदिवासी समुदाय के खिलाफ की आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर कार्रवाई, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का कर्मचारी निलंबित
Sun, 03 Apr 2022 10:25 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नर्मदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नर्मदा
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Sun, 03 Apr 2022 10:25 PM IST
सार
आदिवासी समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करने वाले एक अधिकारी को समुदाय की ओर से विरोध-प्रदर्शनों के बाद निलंबित कर दिया गया है। यह अधिकारी स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का प्रबंधन करने वाली संस्था में कार्यरत था।
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स्टैच्यू ऑफ यूनिटी
- फोटो : iStock
विस्तार
नर्मदा जिले में दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' का प्रबंधन करने वाली सरकारी इकाई के एक वरिष्ठ अधिकारी को गुजरात सरकार ने रविवार को निलंबित कर दिया। अधिकारी के खिलाफ यह कार्रवाई एक आदिवासी समुदाय के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक और अनुचित टिप्पणी करने के आरोप में की गई है। यह आदिवासी समुदाय क्षेत्र में मुख्य रूप से बसा हुआ है।
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स्टैच्यू का प्रबंधन करने वाले प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक रवि शंकर ने बताया कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी क्षेत्र विकास एवं पर्यटन शासन प्राधिकरण में डिप्टी कलेक्टर का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे नीलेश दुबे को राज्य सरकार ने निलंबित कर दिया है। साथ ही दुबे के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने का आदेश भी दिया गया है। यह कार्रवाई दुबे एक ऑडियो क्लिप सामने आने के बाद की गई है।
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रवि शंकर ने बताया कि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के एक अधिकारी के साथ दुबे की बातचीत की एक क्लिप वायरल हुई है। इसमें दुबे को समुदाय के खिलाफ अनुचित और आपत्तिजनक शब्द बोलते हुए सुना जा सकता है। उन्होंने कहा, 'दुबे को निलंबित कर दिया गया है। उसने इन शब्दों का इस्तेमाल करने से इनकार नहीं किया है लेकिन कहा है कि क्लिप में केवल आधी बात है।'
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यह कथित ऑडियो क्लिप सामने आने के बाद आदिवासी समुदाय के लोग आक्रोशित हो गए और उन्होंने विरोध-प्रदर्शन की शुरुआत कर दी। प्राधिकरण के साथ जुड़े कुछ लोगों ने यहां काम करना भी बंद कर दिया। इसे लेकर आदिवासी अधिकार कार्यकर्ता वल्लभभाई पटेल ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने दुबे के खिलाफ एससी/एसटी अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग की है।