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Hindi News ›   Gujarat ›   Gujarat Election 2022: Rajkot West Assembly Seat Profile and History

Rajkot West Assembly Seat: 1985 से भाजपा का गढ़ है राजकोट पश्चिम, लगातार 11वीं बार खिला कमल

Mon, 19 Dec 2022 07:14 PM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Mon, 19 Dec 2022 07:14 PM IST
सार

राजकोट जिले की राजकोट पश्चिम सीट से 2017 में उस वक्त के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी जीते थे। इस बार भाजपा ने उनका टिकट काटकर दर्शिता शाह को टिकट दिया था। दर्शिता को इस चुनाव में कांग्रेस के मनसुखभाई कलारिया के सामने 1,05,975 वोटों के अंतर से प्रचंड जीत मिली।
 

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Gujarat Election 2022: Rajkot West Assembly Seat Profile and History
बीजेपी - फोटो : Getty

विस्तार

गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। इस बार भारतीय जनता पार्टी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 182 विधानसभा सीटों वाले गुजरात में भाजपा के 156 प्रत्याशी चुनाव जीत गए। कांग्रेस को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। कांग्रेस 77 सीटों से सीधे 17 पर आ गई। मतलब कांग्रेस को 60 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, इस बार सरकार बनाने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी के केवल पांच प्रत्याशी ही चुनाव जीत पाए। एक सीट पर सपा उम्मीदवार विजयी हुए तो बाकी तीन सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीतीं।
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राजकोट जिले की राजकोट पश्चिम सीट से 2017 में उस वक्त के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी जीते थे। इस बार भाजपा ने उनका टिकट काटकर दर्शिता शाह को टिकट दिया था। दर्शिता को इस चुनाव में कांग्रेस के मनसुखभाई कलारिया के सामने 1,05,975 वोटों के अंतर से प्रचंड जीत मिली।
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2008 के परिसीमन के बाद यह सीट अस्तिव में आई। रूपाणी राजकोट पश्चिम से जीतकर ही पहली बार मुख्यमंत्री बने थे। हालांकि, 2012 के विधानसभा चुनाव में यहां से रूपाणी नहीं बल्कि वजुभाई वाला जीते थे। 
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परिसीमन से पहले इस विधानसभा के ज्यादातर इलाके 'राजकोट II' सीट में आते थे। जो परिसीमन के बाद खत्म हो गई। दिलचस्प यह है कि नरेंद्र मोदी जब पहली बार मुख्यमंत्री बने थे तब वह राजकोट-II से ही विधायक थे।  

विजय रूपाणी 2017 में यहां से दोबारा विधायक बने 
2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से भाजपा ने तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय रुपाणी को दूसरी बार अपना उम्मीदवार बनाया। इस चुनाव में रूपाणी ने कांग्रेस के इंद्रनील राजगुरु को 57 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था। इन दोनों के अलावा बाकी 13 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी। भाजपा ने इस बार प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता दर्शिता शाह को अपना उम्मीदवार घोषित किया था। 

2012 में वजूभाई वाला को मिली थी जीत
परिसीमन के बाद 2012 में पहली बार राजकोट पश्चिम सीट पर चुनाव हुए। इस विधानसभा चुनाव में  भाजपा ने वजुभाई वाला को टिकट दिया। वजुभाई वाला ने कांग्रेस के अतुल रजनी को 24 हजार से ज्यादा के अंतर से हराया। उस चुनाव में कुल 13 उम्मीदवार मैदान में थे। भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों को छोड़कर बाकी 11 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।  
सितंबर 2014 में वजुभाई को कर्नाटक का राज्यपाल बना दिया गया। इसके बाद हुए उपचुनाव में भाजपा के विजय रूपाणी जीते। विधायक बनने के करीब दो साल बाद रूपाणी राज्य के मुख्यमंत्री बन गए। 2022 के विधानसभा चुनाव से 15 महीने पहले विजय रूपाणी की जगह भूपेंद्र पटेल को राज्य की कमान सौंप दी गई। 

1985 से भाजपा का गढ़ रही है यह सीट
राजकोट पश्चिम से पहले जब ये सीट राजकोट-II के नाम से जानी जाती थी। 1980 के दौर से इस सीट पर भाजपा का प्रभुत्व रहा है। 1985 से यह सीट भाजपा के पास है। 1985 से 2012 तक सात बार भाजपा के वजुभाई वाला राजकोट-II और बाद में राजकोट पश्चिम से जीते।  

2017 में राजकोट जिले की 5 सीटों पर जीती थी भाजपा
राजकोट पश्चिम सीट राजकोट जिले में आती है। इस जिले में कुल 8 सीटें हैं। 2017 में जिले की आठ में से छह सीटों पर भाजपा को जीत मिली थी। वहीं, दो सीटों पर कांग्रेस जीत दर्ज करने में सफल रही थी।  
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