Gujarat Election 2022: मंदिर की नगरी सोमनाथ के क्या हैं चुनावी समीकरण, यहां के वोटरों के क्या हैं मुद्दे?
सोमनाथ में 1962 से अब तक 13 विधानसभा चुनाव हुए हैं। इनमें 8 बार कांग्रेस और दो बार भाजपा ने जीत दर्ज की है। कांग्रेस ने मौजूदा विधायक विमलभाई चुडासमा को टिकट दिया है। इस विधानसभा क्षेत्र में कोली समुदाय के 40 हजार मतदाता हैं।
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सोमनाथ विधानसभा क्षेत्र में चुनावी गहमा-गहमी नजर नहीं आती है। शहर में गिनती के पोस्टर बैनर लगे हैं। चुनावी मौसम में एक धार्मिक नगरी में जिस तरह के उत्साह और उमंग की उम्मीद थी वह पूरी तरह से नदारद है। कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ता थोड़े सक्रिय नजर आए पर लोगों में उत्साह नहीं है जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 नवंबर को सोमनाथ के दर्शन और वेरासाल में रैली कर चुके हैं।
विशाल समुद्र तट और जंगल से घिरे सोमनाथ में 1962 से अब तक 13 विधानसभा चुनाव हुए हैं। इनमें 8 बार कांग्रेस और दो बार भाजपा ने जीत दर्ज की है। जशाभाई बराड चार बार यहां से कांग्रेस के टिकट पर जीते हैं। 2017 में बराड पाला बदलकर भाजपा से लड़े और कांग्रेस के विमलभाई चुडासमा से हार गए। भाजपा यहां से 1998 और 2007 में जीती है। 2007 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा को गिर सोमनाथ की चार में से तीन सीटें मिलीं थीं। 2012 में एक सीट पर सिमटी भाजपा 2017 में खाता खोलने में नाकाम रही। लोकसभा में सोमनाथ से भाजपा के राजेश चुडासमा सांसद हैं।
कांग्रेस ने इस बार भी मौजूदा विधायक विमलभाई चुडासमा को टिकट दिया है। विमलभाई क्षेत्र के प्रमुख कोली नेता हैं। इस विधानसभा क्षेत्र में कोली समुदाय के 40 हजार मतदाता हैं। मुस्लिम मतदाताओं की संख्या इतनी ही है। भाजपा ने नए चेहरे को मौका दिया है। इस बार मैदान में भाजपा के युवा नेता मानसिंह परमार हैं। परमार कराडिया समुदाय से हैं। क्षेत्र में इस समुदाय के 20 हजार मतदाता हैं।
सोमनाथ मंदिर
मंदिर पर निर्भर है शहर की अर्थव्यवस्था
सोमनाथ शहर पर्यटकों के लिए जरूरी सभी सुविधाओं से लैस और साफ सुथरा है। सागर तट से जुड़ा मंदिर परिसर हमेशा पर्यटकों से भरा नजर आता है। यहां की अर्थव्यवस्था में मंदिर की बहुत बड़ी भूमिका है। मंदिर के पास चाय का ठेला लगाने वाले संदीप भाई प्रजापति कहते हैं, ‘मंदिर से मेरी ही नहीं शहर के अधिकतर लोगों की आजीविका चलती है। शहर में खानपान के स्टाॅल, रेस्त्रां और गेस्टहाउस की भरमार है। पर्यटकों की सालभर आवाजाही के कारण लोगों को रोजगार की परेशानी नहीं है। हालांकि बेहतर जीवनशैली और उच्च आय संबंधित रोजगार के ज्यादा विकल्प नहीं हैं।’
कंप्यूटर एप्लीकेशन के छात्र केबल मोरबिया बेहतर विकल्पों की कमी पर निराशा जताते हुए कहा,"पढ़ाई के बाद मुझे यहां अच्छी नौकरी नहीं मिलेगी। अच्छे भविष्य की तलाश में युवा बड़े शहरों का रुख करने के लिए मजबूर हैं। सोमनाथ चाय बेचने वालों या स्टाॅल लगाने वालों के लिए अच्छा शहर है। पढ़े लिखे युवाओं के लिए नहीं।"
राधा के पति सुरक्षा गार्ड की नौकरी करते हैं। राधा कहती हैं, “सोमनाथ बाबा की कृपा से पति की मजदूरी 150 रुपये प्रति दिन से बढ़कर 450 रुपये प्रति दिन हो गई है। अब भी गुजर मुश्किल से ही होता है। गैस और बिजली के बढ़ते बिल से परेशानी बढ़ गई है। हर माह इस पर 17 सौ से दो हजार खर्च होता है।”
इस बार आम आदमी पार्टी ने भी जगमाल वाला को अपना उम्मीदवार बनाया है। युवाओं में इस पार्टी को लेकर उत्सुकता है। हालांकि यह किस हद तक वोट में बदलेंगे यह समय बताएगा। पिछले विधानसभा चुनाव में गिर सोमनाथ की चारों सीट गंवाने के कारण भाजपा इस बार कोई कसर नहीं रखना चाहती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 नवंबर को वेरावल में रैली कर माटी का बेटा होने की अपील कर वोट मांग चुके हैं। कांग्रेस को अपने जातिगत समीकरण पर भरोसा है। सोमनाथ विधानसभा क्षेत्र में 2 लाख 42 हजार मतदाता हैं। यहां गुजरात विधानसभा चुनाव के पहले चरण में एक दिसंबर को मतदाता होगा और आठ दिसंबर को मतगणना।