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बड़ी कामयाबी: डॉक्टर ने 35 कि.मी. दूर बैठकर रोबोट से किया दिल का ऑपरेशन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Updated Thu, 06 Dec 2018 10:36 AM IST
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robotic surgery
- फोटो : twitter
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चिकित्सा क्षेत्र में गुजरात के एक हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ तेजस पटेल ने टेलीरोबोटिक ऑपरेशन के जरिए 35 किलोमीटर दूर एक मरीज का ऑपरेशन कर विश्वकीर्तिमान बनाया है। डॉ तेजस ने गांधीनगर में बैठकर अहमदाबाद के अस्पताल में इस ऑपरेशन को अंजाम दिया है। ऐसा माना जा रहा है कि 35 किलोमीटर दूर से बैठकर टेली रोबोट के जरिए किया गया यह विश्व का अपनी तरह का पहला ऑपरेशन है। यह ऑपरेशन कंप्यूटर तकनीक और अत्याधुनिक रोबोट के माध्यम से किया गया है।
इस ऑपरेशन के बाद गांवों में हो सकेगा ऑपरेशन
डॉ. तेजस की इस पहल के बाद ऐसा माना जा रहा है कि चिकित्सा के क्षेत्र में गांवों में एक नई तरह की क्रांति आएगी। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपानी ने कहा कि सरकार इस तरह की तकनीक को बढ़ावा देगी जिससे गांवों और दूर-दराज के क्षेत्रों में उच्च तकनीक की मदद से चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जा सकेगी। इस मौके पर गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपानी, उपमुख्यमंत्री नितिन भाई पटेल तथा बोचासनवासी अक्षर पुरोषत्तम स्वामी नारायण संस्थान के संत पूज्यश्री ब्रह्मवीरस्वामी और ईश्वरचरणस्वामी उपस्थित थे।
ऑपरेशन की मदद से महिला की अवरुद्ध धमनी का किया सफल ऑपरेशन
डॉ. तेजस अहमदाबाद के एपेक्स इन्सटीट्यूट के चेयरमैन और चीफ इंटरवेंशन कार्डियोलोजिस्ट है। उन्होंने इस ऑपरेशन के लिए गांधीनगर के अक्षरधाम मंदिर का चयन किया। वह मंदिर में बैठकर इस ऑपरेशन को जिस समय अमली जामा पहना रहे थे तब वह अपने अस्पताल से करीब 35 किलोमीटिर दूर थे। उन्होंने एक महिला का ऑपरेशन कर इस ऐतिहासिक ऑपरेशन को अंजाम दिया। डॉक्टर ने महिला के ह्दय में वाल्व लगाया। पूरा ऑपरेशन डॉक्टर ने रोबोट से किया गया।
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ह्दय की सफल सर्जरी के बाद डॉक्टर तेजस पटेल ने बताया कि रिमोट रोबोटिक पीसीआई का इंटरवेंशन चिकित्सा में ऐतिहासिक उपलब्धि है। डॉ तेजस ने कहा कि इस तरह के ऑपरेशन के बाद देश की चिकित्सा व्यवस्था में भारी बदलाव आएगा और कई लोगों की जिंदगी में अहम कदम होगा। दुनिया भर में स्ट्रोक सहित दिल की बीमारियों के कारण हर साल लगभग 18 मिलियन मौते होती है।
दिल की बीमारी और स्ट्रोक दुनियाभर की बड़ी समस्या बन चुकी है। इन मामले में मरीज को जल्द से जल्द विशेष इलाज की जरुरत होती है। टेली-रोबोटिक्स में ऐसे मरीजों को इलाज उपलब्ध कराकर बचाने की क्षमता को बढ़ावा देगा।
उन्होंने कहा कि टेली रोबोटिक कोरेनरी इंटरवेंशन दिल की बीमारियों के मामले में ग्रामीण एवं दूर-दराज के इलाकों तक आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराएगा, जो इन सेवाओं से वंचित है। उनका मानना है कि इस तकनीक से हर व्यक्ति को हर स्थान पर समय रहते विशेषज्ञ उपचार उपल्बध कराकर दिल की बीमारियों के इलाज में क्रांन्तिकारी बदलाव लाया जायेगा।
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इस ऑपरेशन के बाद गांवों में हो सकेगा ऑपरेशन
डॉ. तेजस की इस पहल के बाद ऐसा माना जा रहा है कि चिकित्सा के क्षेत्र में गांवों में एक नई तरह की क्रांति आएगी। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपानी ने कहा कि सरकार इस तरह की तकनीक को बढ़ावा देगी जिससे गांवों और दूर-दराज के क्षेत्रों में उच्च तकनीक की मदद से चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जा सकेगी। इस मौके पर गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपानी, उपमुख्यमंत्री नितिन भाई पटेल तथा बोचासनवासी अक्षर पुरोषत्तम स्वामी नारायण संस्थान के संत पूज्यश्री ब्रह्मवीरस्वामी और ईश्वरचरणस्वामी उपस्थित थे।
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ऑपरेशन की मदद से महिला की अवरुद्ध धमनी का किया सफल ऑपरेशन
डॉ. तेजस अहमदाबाद के एपेक्स इन्सटीट्यूट के चेयरमैन और चीफ इंटरवेंशन कार्डियोलोजिस्ट है। उन्होंने इस ऑपरेशन के लिए गांधीनगर के अक्षरधाम मंदिर का चयन किया। वह मंदिर में बैठकर इस ऑपरेशन को जिस समय अमली जामा पहना रहे थे तब वह अपने अस्पताल से करीब 35 किलोमीटिर दूर थे। उन्होंने एक महिला का ऑपरेशन कर इस ऐतिहासिक ऑपरेशन को अंजाम दिया। डॉक्टर ने महिला के ह्दय में वाल्व लगाया। पूरा ऑपरेशन डॉक्टर ने रोबोट से किया गया।
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ह्दय की सफल सर्जरी के बाद डॉक्टर तेजस पटेल ने बताया कि रिमोट रोबोटिक पीसीआई का इंटरवेंशन चिकित्सा में ऐतिहासिक उपलब्धि है। डॉ तेजस ने कहा कि इस तरह के ऑपरेशन के बाद देश की चिकित्सा व्यवस्था में भारी बदलाव आएगा और कई लोगों की जिंदगी में अहम कदम होगा। दुनिया भर में स्ट्रोक सहित दिल की बीमारियों के कारण हर साल लगभग 18 मिलियन मौते होती है।
दिल की बीमारी और स्ट्रोक दुनियाभर की बड़ी समस्या बन चुकी है। इन मामले में मरीज को जल्द से जल्द विशेष इलाज की जरुरत होती है। टेली-रोबोटिक्स में ऐसे मरीजों को इलाज उपलब्ध कराकर बचाने की क्षमता को बढ़ावा देगा।
उन्होंने कहा कि टेली रोबोटिक कोरेनरी इंटरवेंशन दिल की बीमारियों के मामले में ग्रामीण एवं दूर-दराज के इलाकों तक आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराएगा, जो इन सेवाओं से वंचित है। उनका मानना है कि इस तकनीक से हर व्यक्ति को हर स्थान पर समय रहते विशेषज्ञ उपचार उपल्बध कराकर दिल की बीमारियों के इलाज में क्रांन्तिकारी बदलाव लाया जायेगा।