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संजीव भट्ट की रिमांड की मांग करने वाली गुजरात सीआईडी की याचिका खारिज
भाषा, पालनपुर
Updated Fri, 07 Sep 2018 01:48 AM IST
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Sanjiv bhatt
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गुजरात में पालनपुर की एक अदालत ने 22 साल पुराने एक मामले में पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट की हिरासत की मांग करने वाली पुलिस की याचिका बृहस्पतिवार को खारिज कर दी। गुजरात पुलिस के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) ने कल भट्ट और पालनपुर थाना के तत्कालीन निरीक्षक आई बी व्यास को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया था।
सीआईडी ने दोनों को अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट वी आर चारण की अदालत में पेश करते हुए उन्हें 14 दिनों की हिरासत में सौंपने का अनुरोध किया। वहीं, बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि मामला 22 वर्ष पुराना है और इससे जुड़ी एक याचिका उच्चतम न्यायालय में लंबित है।
दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद मजिस्ट्रेट ने सीआईडी की मांग खारिज करते हुए दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। सीआईडी के अनुसार भट्ट के नेतृत्व में बनासकांठा पुलिस ने वकील सुमेर सिंह राजपुरोहित को करीब एक किलोग्राम मादक पदार्थ रखने के आरोप में 1996 में गिरफ्तार किया था। उस समय बनासकांठा पुलिस ने दावा किया था कि मादक पदार्थ जिले के पालनपुर में होटल के उस कमरे से मिला था जिसमें राजपुरोहित ठहरे थे। भट्ट उस वक्त बनासकांठा जिला के पुलिस अधीक्षक थे।
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गौरतलब है कि राजस्थान पुलिस की जांच में खुलासा किया गया था कि राजपुरोहित को इस मामले में बनासकांठा पुलिस ने कथित तौर पर फंसाया था, ताकि उसे राजस्थान के पाली स्थित अपनी विवादित संपत्ति हस्तांतरित करने के लिए बाध्य किया जा सके।
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सीआईडी ने दोनों को अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट वी आर चारण की अदालत में पेश करते हुए उन्हें 14 दिनों की हिरासत में सौंपने का अनुरोध किया। वहीं, बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि मामला 22 वर्ष पुराना है और इससे जुड़ी एक याचिका उच्चतम न्यायालय में लंबित है।
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दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद मजिस्ट्रेट ने सीआईडी की मांग खारिज करते हुए दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। सीआईडी के अनुसार भट्ट के नेतृत्व में बनासकांठा पुलिस ने वकील सुमेर सिंह राजपुरोहित को करीब एक किलोग्राम मादक पदार्थ रखने के आरोप में 1996 में गिरफ्तार किया था। उस समय बनासकांठा पुलिस ने दावा किया था कि मादक पदार्थ जिले के पालनपुर में होटल के उस कमरे से मिला था जिसमें राजपुरोहित ठहरे थे। भट्ट उस वक्त बनासकांठा जिला के पुलिस अधीक्षक थे।
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गौरतलब है कि राजस्थान पुलिस की जांच में खुलासा किया गया था कि राजपुरोहित को इस मामले में बनासकांठा पुलिस ने कथित तौर पर फंसाया था, ताकि उसे राजस्थान के पाली स्थित अपनी विवादित संपत्ति हस्तांतरित करने के लिए बाध्य किया जा सके।