गुजरात विधानसभा चुनाव : मोदी, बिखरा विपक्ष और त्रिकोणात्मक मुकाबला भाजपा की बन सकते हैं ताकत, ये बनेंगे मुद्दा
गुजरात विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जहां भाजपा का चेहरा होंगे, वहीं गृह मंत्री अमित शाह मुख्य रणनीतिकार होंगे। पीएम मोदी रविवार को तीन रैलियों के जरिए चुनाव प्रचार का आगाज करेंगे।
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गुजरात विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए बेहद अहम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह प्रदेश में पार्टी का लगातार छह चुनाव जीतने और बीते 27 साल से सत्ता में बने रहने का रिकार्ड है। जाहिर तौर पर पार्टी इस सिलसिले को कायम रखना चाहेगी। हालांकि चुनाव दर चुनाव कम होती सीटों की संख्या और राज्य में कमजोर नेतृत्व जहां भाजपा की मुख्य चिंता हैं, वहीं पीएम का चेहरा, बिखरा विपक्ष और त्रिकोणात्मक मुकाबले की संभावना उसकी ताकत है।
साल 2014 में पीएम मोदी के गुजरात छोड़ने के आठ साल बाद भी पार्टी राज्य में मजबूत नेतृत्व तैयार नहीं कर पाई है। मजबूत नेतृत्व की तलाश में पार्टी को छह सालों में राज्य को तीसरा मुख्यमंत्री देना पड़ा है। जमीनी हकीकत यह है कि इतने लंबे अरसे के बाद पीएम मोदी ही राज्य में पार्टी का एकमात्र चेहरा हैं। चुनाव जिताने की सारी जिम्मेदारी पीएम मोदी के ही कंधे पर होती है।
हर चुनाव में घट रही हैं सीटें
राज्य में पार्टी साल 1995 से लगातार सत्ता में है। गोधरा कांड के साये में हुए साल 2002 के चुनाव को अपवाद माने तो इस दौरान हुए छह चुनाव में से पांच चुनावों में पार्टी की सीटें घटी हैं। साल 1995 में पहली बार अपने दम पर सत्ता में आई पार्टी को 121 सीटें मिली थी। इसके बाद साल 1998, 2007, 2012 और 2017 में पार्टी की सीटें कम होती चली गई। बीते विधानसभा चुनाव में तो पार्टी पहली बार सौ सीटों का आंकड़ा भी नहीं छू पाई।
जिग्नेश, अल्पेश, हार्दिक की तिकड़ी तोड़ी
बीते चुनाव में हार्दिक पटेल, अल्पेश ठाकुर और जिग्नेेश मेवाणी की तिकड़ी ने भाजपा को बैकफुट पर ला दिया था। हालांकि भाजपा इस तिकड़ी को तोड़ने में कामयाब रही। चुनाव के बाद कांग्रेस में शामिल होने वाले हार्दिक, अल्पेश भाजपा में आ गए। दशकों बाद यह पहला मौका है जब कांग्रेस अपने सबसे बड़े रणनीतिकार अहमद पटेल की अनुपस्थिति में चुनाव मैदान में उतर रही है।
2017 में भाजपा को मिली थीं 99 सीटें
2017 के चुनाव में भाजपा ने 49.05% वोटों के साथ 99 जबकि कांग्रेस को 42.97% वोटों के साथ 77 सीटें मिली थीं। बाद में दलबदल के कारण कांग्रेस की सीटें घटकर 62 रह गईं जबकि भाजपा की बढ़कर 111 हो गईं। भाजपा राज्य में लगातार 6 बार विधानसभा चुनाव जीत चुकी है।
कांग्रेस के आरोप पर चुनाव आयोग ने दिया जवाब, मोरबी पुल ढहने के कारण घोषणा में हुई देरी
चुनाव आयोग ने तारीखों का एलान करते हुए सीईसी ने संकेत दिया कि चुनावों की घोषणा दो दिन पहले की जा सकती थी, लेकिन पुल ढहने की त्रासदी के कारण इसमें देरी हुई। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा, आयोग इस बात की भी जांच करेगा कि मोरबी त्रासदी की जांच रिपोर्ट जारी होने से क्या चुनाव में भाग लेने वालों दलों को बराबरी का मौका मिलने में कोई फर्क पड़ेगा। वर्तमान में मोरबी विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व भाजपा के बृजेश मेरजा कर रहे हैं। इस क्षेत्र में पहले चरण का मतदान एक दिसंबर को होगा।
कांग्रेस ने कहा था...
कांग्रेस पार्टी के गुजरात प्रभारी रघु शर्मा ने नई दिल्ली में कहा कि आयोग जवाब दे कि हिमाचल और गुजरात के चुनावों की घोषणा अलग-अलग क्यों की गई। इसके चलते भाजपा को सरकारी पैसे पर कई कार्यक्रम करने का मौका मिला।
पीएम मोदी रविवार से संभालेंगे चुनावी मोर्चा, शाह संभालेंगे रणनीति
गुजरात विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जहां भाजपा का चेहरा होंगे, वहीं गृह मंत्री अमित शाह मुख्य रणनीतिकार होंगे। पीएम मोदी रविवार को तीन रैलियों के जरिए चुनाव प्रचार का आगाज करेंगे, जबकि इस दौरान शाह लगातार गुजरात में रह कर चुनावी रणनीति की कमान संभालेंगे।
मतदान से पूर्व पीएम मोदी कम से कम पांच बार राज्य का दौरा करेंगे। हर दौरे में कम से कम तीन रैलियों को संबोधित करेंगे। इसके अलावा चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में चुनिंदा क्षेत्रों में रोडशो भी करेंगे। रविवार को पीएम भावनगर, वलसाड और सुरेंद्रनगर में चुनावी रैलियां करेंगे। इन क्षेत्रों में प्रथम चरण में मतदान होने हैं।