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Gujarat: बिजनेसमैन, दस नाबालिग बच्चों समेत 35 लोग बने साधु, सांसारिक जीवन छोड़कर ली जैन धर्म की दीक्षा

Sun, 21 Apr 2024 09:29 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद Published by: नितिन गौतम Updated Sun, 21 Apr 2024 09:29 PM IST
सार

संजय वोहरा ने बताया कि 'यह पहली बार है, जब 500 वर्षों के इतिहास में इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालु एक कार्यक्रम में इकटट्ठा हुए हैं। यह अपने आप में रिकॉर्ड है। वोहरा ने कहा कि यह बेहद अहम कार्यक्रम है, जिसमें 35 श्रद्धालुओं ने जैन धर्म की दीक्षा ली।

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gujarat ahmedabad diksha ceremony businessman minors include in 35 people left worldly life
अहमदाबाद में 35 लोगों ने ली दीक्षा - फोटो : एएनआई

विस्तार

गुजरात के अहमदाबाद में जैन समुदाय ने एक विशाल समारोह का आयोजन किया। यह आयोजन महावीर जयंती के अवसर पर किया गया। इस समारोह में रिकॉर्ड 35 लोगों ने जैन धर्म की दीक्षा ली, जिनमें व्यवसायी, नाबालिग बच्चे भी शामिल हैं। समारोह में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। 
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35 लोगों ने छोड़ा सांसारिक जीवन
अहमदाबाद में हुए कार्यक्रम में जिन लोगों ने सांसारिक जीवन छोड़कर साधु बनने का फैसला लिया है, उनमें गुजरात के व्यापारी भावेश भाई भंडारी और उनकी पत्नी भी शामिल हैं। भावेश भाई और उनकी पत्नी ने अपने बच्चों से प्रेरित होकर ही दीक्षा लेने का फैसला किया। भावेश भाई के बच्चों ने साल 2022 में ही दीक्षा ले ली थी। दीक्षा कार्यक्रम के संयोजक संजय वोहरा ने बताया कि गुरु महाराज को सुनने के बाद बीते 10 वर्षों में 300 लोगों ने दीक्षा ली है। अहमदाबाद के कार्यक्रम में जिन 35 लोगों ने दीक्षा ली, उनमें पांच दंपति और एक ही परिवार के छह सदस्य शामिल हैं। इनमें 10 बच्चे भी शामिल हैं, जिनमें से कई नाबालिग हैं।
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रिकॉर्ड संख्या में आए श्रद्धालु
संजय वोहरा ने बताया कि 'यह पहली बार है, जब 500 वर्षों के इतिहास में इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालु एक कार्यक्रम में इकटट्ठा हुए हैं। यह अपने आप में रिकॉर्ड है। वोहरा ने कहा कि यह बेहद अहम कार्यक्रम है, जिसमें 35 श्रद्धालुओं ने जैन धर्म की दीक्षा ली। इनमें 10 बच्चे भी शामिल हैं, जिनकी उम्र 8-18 साल के बीच है। ऐसा कहा जाता है कि पिछले जन्म के संस्कारों से बच्चे इस जन्म में दीक्षा के कठिन मार्ग पर चलने में सक्षम होते हैं। हमारे गुरु महाराज की बातों में इतनी ताकत है कि उनकी बातें सुनने के बाद ही कई लोग इस दुनियादारी को छोड़कर साधु बन जाते हैं।'
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जैन धर्म में दीक्षा का अहम महत्व
जैन धर्म में दीक्षा का बड़ा महत्व है, जिसमें व्यक्ति सांसारिक जीवन छोड़कर पूरी तरह से साधु का जीवन बिताता है और अपनी आध्यात्मिक यात्रा पर फोकस करता है। महावीर जयंती के अवसर पर गुजरात के राजकोट में यात्रा निकाली गई, जिसे राज्य के पूर्व सीएम और भाजपा नेता विजय रुपाणी ने हरी झंडी दिखाई। विजय रुपाणी ने लोगों को महावीर जयंती की शुभकामनाएं भी दीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी महावीर जयंती के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को विकसित बनाने की प्रेरणा भगवान महावीर से मिलती है। 
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