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गैरकानूनी इनपुट टैक्स क्रेडिट रैकेट का भंडाफोड़, एक गिरफ्तार

Sat, 24 Oct 2020 02:30 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Jeet Kumar Updated Sat, 24 Oct 2020 02:30 AM IST
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GST officials bust racket for availing Rs 50 cr illegal input tax credit
वस्तु एवं सेवा कर - फोटो : pixabay

जीएसटी अधिकारियों ने गैरकानूनी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) रैकेट का भंडाफोड़ किया है। 115 फर्जी कंपनियों के जरिए करीब 50 करोड़ रुपये के आईटीसी पास कराने में शामिल एक भावी चार्टर्ड अकाउंटेंट को गिरफ्तार किया गया है।

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सूत्रों ने बताया कि सीए के तीसरे वर्ष के छात्र और अहमदाबाद में एक सीए फर्म में पार्टनर प्रिंस मनीष कुमार खत्री ने फर्जी कंपनियां पंजीकृत कराई थी ताकि उसके द्वारा तैयार आईटीसी बिलों पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का भुगतान न करना पड़े। ऐसा कर उसने करीब 50.24 करोड़ रुपये का आईटीसी गलत तरीके से पास करा लिया।
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सूत्रों का कहना है कि 115 फर्जी कंपनियों के पंजीकरण और इन कंपनियों के जीएसटी रिटर्न दाखिल करने में खत्री की अहम भूमिका है। ये फर्जी कंपनियां नौ जीएसटी आयुक्तालय तक फैली हुई है और जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई) ने डाटा विश्लेषण की मदद से फर्जीवाड़े का पता लगाया।
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115 फर्जी कंपनियों में से 49 अहमदाबाद उत्तरी आयुक्तालय, 27 वडोदरा-2 आयुक्तालय, 15 भिवंडी आयुक्तालय, 12 गांधीनगर आयुक्तालय के तहत हैं। इसके अलावा 5 कंपनियां अहमदाबाद दक्षिण आयुक्तालय, तीन जोधपुर आयुक्तालय, 2 वडोदरा-1 आयुक्तालय, एक ठाणे ग्रामीण आयुक्तालय और एक भावनगर आयुक्तालय के तहत है।

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