Ground Report Turkman Gate: मस्जिद सुरक्षित... मलबा साफ, सोशल मीडिया फिर बना खलनायक
दिल्ली के तुर्कमान गेट स्थित मस्जिद फैज-ए-इलाही पर हाईकोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम की कार्रवाई के दौरान हुए बवाल के मामले में पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है, अभी तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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विस्तार
दिल्ली में सात जनवरी की सुबह कड़ाके की ठंड थी। लेकिन इस ठंड के मौसम में भी दिल्ली का माहौल बेहद गर्म हो गया। सोशल मीडिया पर 6-7 जनवरी की मध्य रात यह अफवाह फैली कि एमसीडी और दिल्ली पुलिस तुर्कमान गेट पर बनी फैज-ए-इलाही मस्जिद को तोड़ रही है। इसके बाद कुछ शरारती तत्वों की अपील पर सैकड़ों मुस्लिम युवा मस्जिद के पास पहुंच गए और पुलिस पर पथराव करने लगे। अचानक हुए इस हमले में कई पुलिस वाले घायल हो गए। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर और हल्का बल प्रयोग कर स्थिति को नियंत्रण में किया। तुर्कमान गेट की तरफ जाने वाले सभी रास्तों को ब्लॉक कर दिया गया और मस्जिद के आसपास का इलाका छावनी में तब्दील हो गया।
सुरक्षा बलों और दिल्ली पुलिस की निगरानी में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने मस्जिद के आसपास बनी अतिक्रमण वाली दुकानों को तोड़ा। शाम तक मलबा भी पूरी तरह साफ कर दिया गया। अब इलाके में पूरी तरह शांति है। इस पूरी घटना में सोशल मीडिया के जरिए यही अफवाह फैलाई गई थी कि दिल्ली पुलिस फैज-ए-इलाही मस्जिद को तोड़ रही है। लेकिन मस्जिद पूरी तरह सुरक्षित है।
सोशल मीडिया बना सबसे बड़ा खलनायक
सोशल मीडिया के दुरुपयोग के अनेक मामले सामने आते रहते हैं। इस मामले में भी सबसे बड़े खलनायक का रोल सोशल मीडिया ने ही निभाया। अवैध निर्माण को ढहाने के लिए पहुंचे बुल्डोजर को देख कुछ युवाओं ने फेसबुक और व्हाट्सएप पर लाइव और वीडियो भेजकर लोगों को मस्जिद को तोड़े जाने की गलत जानकारी दी। इससे लोगों में आक्रोश फैल गया। लोगों ने पूरा सच जाने बिना ही पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इस मामले में कुछ पुलिस वालों को चोटें आई हैं।
लेकिन इस घटना ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि यदि सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए उचित प्रावधान नहीं किए गए तो किसी भी समय यह भयावह हो सकता है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में भी कई स्थानों पर इसी तरह लोगों को गलत संवेदनशील जानकारी दी गई जिसके बाद दंगे भड़क उठे थे। इस मामले में भी परिणाम बहुत भयावह हो सकते थे। लेकिन दिल्ली पुलिस ने बड़ी समझदारी के साथ कुछ लोगों से बातचीत करते हुए हल्का बल प्रयोग कर उपद्रवियों को खदेड़ दिया।
मस्जिद में रुका था लाल किला बम ब्लास्ट का आरोपी?
दरअसल, इसके कुछ दिन पहले ही लाल किला के सामने बम विस्फोट हुआ था। इस धमाके में 15 लोगों की मौत हो गई थी। लाल किला तुर्कमान गेट से लगभग दो किलोमीटर की दूरी पर ही है। चर्चा है कि लाल किला बम कांड का एक आरोपी फैज-ए-मस्जिद में कुछ देर के लिए रुका था। इस मामले का सच तो लाल किला कांड की पूरी जांच होने के बाद ही सामने आएगी, लेकिन कहा जा रहा है कि यह जानकारी सामने आने के बाद ही स्थानीय लोगों में इस बात की चर्चा थी कि देर सबेर फैज-ए-इलाही मस्जिद जांच एजेंसियों की रडार पर आ सकता है। यही कारण है कि जब एमसीडी का दस्ता अवैध निर्माण को ढहाने के लिए तुर्कमान गेट पहुंचा, इसको लेकर लोग अति संवेदनशील हो गए और मामला बिगड़ गया।
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लोग चुप, लेकिन आशंकित
अमर उजाला ने तुर्कमान गेट की इस मस्जिद के आसपास के लोगों से इस विषय पर बात करने की कोशिश की। ज्यादातर लोग इस मुद्दे पर कुछ भी कहने से बचते नजर आए। कुछ लोगों ने बताया कि यह स्थान बहुत पहले से विवादित था और लंबे समय से इसको लेकर केस चल रहा था। पूरी दिल्ली में ही अवैध निर्माण को ढहाने की प्रक्रिया चल रही है।
यहां के लोगों को भी इस बात की पूरी आशंका थी कि देर-सबेर तुर्कमान गेट की मस्जिद के सामने बनी इन अवैध दुकानों को भी तोड़ दिया जाएगा। लेकिन इस पूरे विवाद को बहुत शातिराना तरीके से मस्जिद से जोड़कर अशांति पैदा करने की कोशिश की गई। कुछ लोग इस पूरे उपद्रव के पीछे सोची-समझी साजिश होने से इनकार नहीं कर रहे हैं।
अब तक पांच गिरफ्तार, सोशल मीडिया-सीसीटीवी से अपराधियों की तलाश
दिल्ली के प्रसिद्ध रामलीला मैदान से ठीक सटी इस मस्जिद के मामले में दिल्ली पुलिस ने अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया को खंगाल कर शरारती तत्त्वों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने जल्द ही और गिरफ्तारी होने की उम्मीद जताई है।
दिल्ली सरकार ने शांति बनाए रखने की अपील की
दिल्ली सरकार में गृह मंत्री आशीष सूद ने कहा है कि पूरी कार्रवाई दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश के आधार पर की गई है। इसमें मस्जिद को किसी तरह का कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण को तोड़ने की कार्रवाई को मस्जिद से जोड़ना समाज को भड़काने और भ्रमित करने जैसा है। इस तरह की अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और प्रशासन के कार्य में सहयोग देने की अपील की है।
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