आयुष्मान भारत: 400 बीमारियों के इलाज की दरें बढ़ाईं, ब्लैक फंगस शामिल, अस्पतालों को लाभ
सरकार ने 'पीएम जय' के तहत इलाज की दरें संशोधित की हैं। इससे इस योजना से जुड़े अस्पताल बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करा सकेंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्र सरकार ने आयुष्मान भारत प्रधानंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) के तहत 400 तरह की बीमारियों के इलाज की दरें बढ़ा दी हैं। इसके साथ ही ब्लैक फंगस के इलाज को भी इस योजना में शामिल कर लिया गया है।
सरकार ने 'पीएम जय' के तहत 400 तरह के इलाज की दरें संशोधित की हैं। इससे इस योजना से जुड़े अस्पताल बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करा सकेंगे। संशोधित स्वास्थ्य लाभ पैकेज (HBP 2.2) में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA), जो कि इस योजना को लागू करता है, ने विभिन्न इलाज पैकेज की दरें 20 फीसदी से लेकर 400 फीसदी तक बढ़ा दी हैं।
जानिए किसकी दरें कितनी बढ़ाई गईं
- वेंटिलेटर युक्त आईसीयू की दर 100 फीसदी बढ़ाई गईं।
- बगैर वेंटिलेटर वाले आईसीयू की दर 136 फीसदी बढ़ाई।
- उच्च निर्भरता इकाई (एचडीयू) की दर में 22 फीसदी वृद्धि।
- नियमित वार्ड की दरों में 17 फीसदी बढ़ोतरी।
फिलहाल आयुष्मान भारत पीएम जेएवाई में 1,669 तरह के इलाज की व्यवस्था है। इनमें से 1080 शल्यक्रिया, 588 चिकित्सा पैकेज शामिल है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि आयुष्मान भारत के तहत इलाज के दायरे में ब्लैक फंगस से जुड़े एक और अतिरिक्त चिकित्सा प्रबंधन को शामिल किया गया है।
अस्पताल और बेहतर इलाज कर सकेंगे : मंडाविया
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने इस मौके पर कहा कि मुझे खुशी है कि स्वास्थ्य लाभ पैकेज (एचबीपी 2.2) के संशोधित संस्करण से पैनल में शामिल अस्पतालों को आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई के तहत लाभार्थियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने में मजबूती मिलेगी। कैंसर विज्ञान पर संशोधित पैकेज से देश में लाभार्थियों के लिए कैंसर देखभाल बढ़ेगी। ब्लैक फंगस से संबंधित पैकेज के जुड़ने से लाभार्थियों को बहुत राहत मिलेगी। मुझे यकीन है कि तर्कसंगत किए गए एचबीपी से निजी अस्पतालों में योजना अपनाने में सुधार आएगा और लाभार्थियों की जेब पर कम असर पड़ेगा।
10 करोड़ परिवारों को पांच लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त
बता दें, आयुष्मान भारत योजना का लक्ष्य देश के 10.74 करोड़ परिवारों को मुफ्त एवं सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। इसके तहत हर साल प्रति परिवार पांच लाख रूपये तक का इलाज मुफ्त करने की व्यवस्था है।