अफस्पा: अरुणाचल-नगालैंड के कुछ हिस्सों में छह महीने के लिए बढ़ाया गया AFSPA, गृह मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना
सशस्त्र बल (विशेषाधिकार) अधिनियम को मंगलवार को अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड के कुछ हिस्सों में बढ़ा दिया गया है, जिसके तहत सुरक्षा बलों की सुविधा के लिए किसी क्षेत्र को 'अशांत' घोषित किया जाता है।
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सशस्त्र बल (विशेषाधिकार) अधिनियम को मंगलवार को अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड के कुछ हिस्सों में बढ़ा दिया गया है, जिसके तहत सुरक्षा बलों की सुविधा के लिए किसी क्षेत्र को 'अशांत' घोषित किया जाता है। अफस्पा अशांत क्षेत्रों में काम कर रहे सशस्त्र बलों के जवानों को 'सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने' के लिए जरूरी समझे तो तलाशी, गिरफ्तारी और गोली चलाने का व्यापक अधिकार देता है।
अफ्सपा अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड के कुछ जिलों और थाना क्षेत्रों में कई वर्षों से लागू है और इसे समय-समय पर बढ़ाया जाता है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) ने एक अधिसूचना में कहा कि केंद्र सरकार ने सशस्त्र बल (विशेषाधिकार) अधिनियम, 1958 (1958 का 28) की धारा तीन द्वारा प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए अरुणाचल प्रदेश में तिरप, चांगलांग और लोंगडिंग जिलों को अशांत क्षेत्र घोषित किया है। 24 मार्च, 2023 को अरुणाचल प्रदेश के नामसाई जिले में नामसाई, महादेवपुर और चोखम पुलिस थानों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले क्षेत्रों को अशांत क्षेत्र घोषित किया गया था।
इसमें कहा गया है कि अरुणाचल प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति की और समीक्षा की गई है। इसलिए अरुणाचल प्रदेश के तिरप, चांगलांग और लोंगडिंग जिलों और असम राज्य की सीमा से लगे अरुणाचल प्रदेश के नामसाई, महादेवपुर और चोखम पुलिस थानों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले क्षेत्रों को सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम, 1958 की धारा 3 के तहत एक अक्टूबर से छह महीने की अवधि के लिए 'अशांत क्षेत्र' घोषित किया जाता है, जब तक कि इसे पहले वापस नहीं लिया जाए।