फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Govt exploring option of using IAF for transportation of NEET retest papers

NEET-UG: प्रश्नपत्रों को भेजने के लिए IAF के विमानों का इस्तेमाल करने पर विचार कर रही सरकार, अंतिम फैसला बाकी

Fri, 29 May 2026 03:10 AM IST
निर्मल कांत आशुतोष भाटिया/सीमा शर्मा
आशुतोष भाटिया/सीमा शर्मा Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 29 May 2026 03:10 AM IST
सार

NEET Re-Exam: सरकार नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा के प्रश्नपत्रों को सुरक्षित पहुंचाने और किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए वायुसेना के विमानों के इस्तेमाल पर विचार कर रही है। यह विचार रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के घर पर हुई बैठक में आया, जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अंतिम फैसला लेना है। पढ़िए रिपोर्ट-

विज्ञापन
Govt exploring option of using IAF for transportation of NEET retest papers
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

विस्तार

नीट-यूजी 2026 की फजीहत के बाद केंद्र सरकार अब परीक्षा प्रणाली को फौजी कवच देने की तैयारी में है। पेपर लीक से हुई किरकिरी के बाद 21 जून को दोबारा होने वाली परीक्षा के लिए प्रश्न पत्रों की सुरक्षा का जिम्मा सेना के हवाले किया जा सकता है। सरकार ने सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स की कमान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में तैयार किए जा रहे विशेष तंत्र को सौंप दी है।
विज्ञापन




सूत्रों के मुताबिक, सरकार इस बार किसी भी कीमत पर दूसरी चूक का जोखिम नहीं लेना चाहती। इसी वजह से गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ के आवास पर उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें पेपर सेटिंग से लेकर प्रिंटिंग, ट्रांसपोर्टेशन, स्टोरेज और परीक्षा केंद्रों तक प्रश्नपत्रों की सुरक्षित आपूर्ति के पूरे नेटवर्क पर विस्तार से मंथन हुआ।
विज्ञापन


सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी शुरू कर दी है। 40 मिनट चली बैठक में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह, पीएमओ और शिक्षा मंत्रालय के चुनिंदा वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


छात्रों का भरोसा लौटाना सबसे बड़ी चुनौती
नीट संकट ने सिर्फ परीक्षा प्रणाली नहीं, बल्कि लाखों छात्रों और अभिभावकों के भरोसे को भी झटका दिया है। विपक्ष लगातार सरकार और एनटीए को निशाने पर ले रहा है, जबकि कई राज्यों में छात्रों के प्रदर्शन भी हुए हैं। संसदीय समिति में भी एनटीए अधिकारियों से कड़ी पूछताछ हुई और परीक्षा सुरक्षा प्रणाली पर सवाल उठे। ऐसे में सरकार समझती है कि 21 जून की परीक्षा सिर्फ एक फिर से कराई जा रही एक परीक्षा भर नहीं है, बल्कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता की अग्निपरीक्षा है।

ये भी पढ़ें: कनाडा में गुजरात की छात्रा की हत्या: परिवार को 12 दिन बाद मिली जानकारी, लगाई न्याय की गुहार

पेपर लीक माफिया पर होगी सर्जिकल स्ट्राइक
सरकार को आशंका है कि प्रश्नपत्रों की पारंपरिक ढुलाई और भंडारण व्यवस्था में मौजूद कमजोरियों का फायदा उठाकर संगठित गिरोह सक्रिय हुए। इसी कारण अब सुरक्षा ढांचे को सैन्य अनुशासन और बहुस्तरीय निगरानी से जोड़ने की रणनीति पर काम हो रहा है।

अर्धसैनिक बल करेंगे संवेदनशील केंद्रों की सुरक्षा
सूत्रों के मुताबिक-सीकर, कोटा, लातूर और नासिक समेत 50 से अधिक संवदेनशील केंद्रों की सुरक्षा अर्द्धसैनिक बल संभालेंगे। ये केंद्र पेपर लीक और पेपर माफिया के निशाने वाले हैं। यहां जांच एजेंसियों के कर्मी सादी वर्दी में तैनात रहेंगे। कोचिंग सेंटर, पूर्व नीट वाले विद्यार्थी, मेडिकल की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों समेत अन्य पुराने कर्मचारियों पर नजर रखी जा रही है। इनके मोबाइल फोन से लेकर बैंक खातों पर भी नजर रहेगी।

नीट में पेपर सेटिंग करने वाले ही लीक का कारण बने थे, इसलिए अब क्रॉस वेरिफिकेशन के बाद ही परीक्षा में ड्यूटी लगाई जाएगी।  परीक्षा से सीधे जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों व कमियों की सूची तैयार हुई है। सबका पुराना रिकार्ड चेक हो रहा है। सबको अलग से फोटो पहचान पत्र दिया जाएगा।  

राज्यों को भी जारी किए जाएंगे विशेष निर्देश
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार राज्यों को भी विशेष निर्देश जारी करने की तैयारी में है, ताकि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, निगरानी और उम्मीदवारों की सुविधा को लेकर कोई ढिलाई न बरती जाए। भीषण गर्मी को देखते हुए केंद्र पहले ही राज्यों से परीक्षार्थियों के लिए पानी, बिजली, शेड और परिवहन जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कह चुका है। अब निगाहें 21 जून पर टिकी हैं, जब सरकार देश की सबसे बड़ी प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली की साख बचाने की लड़ाई लड़ती नजर आएगी।

प्रस्ताव : रक्षा प्रतिष्ठानों में पेपर रखें, वायुसेना के विमानों से भेजें
प्रश्नपत्रों की सुरक्षा व्यवस्था का मुद्दा बैठक में छाया रहा। सूत्रों के मुताबिक, सरकार अब डाक विभाग और सामान्य नागरिक एजेंसियों पर निर्भरता घटाकर रक्षा प्रतिष्ठानों और वायुसेना की मदद लेने पर गंभीरता से विचार कर रही है। प्रस्ताव है कि प्रश्नपत्रों को प्रिंटिंग प्रेस से वितरण केंद्रों तक वायुसेना के विमानों और विशेष सुरक्षित वाहनों के जरिये पहुंचाया जाए। इतना ही नहीं, प्रश्नपत्रों को बैंक या निजी गोदामों के बजाय रक्षा प्रतिष्ठानों में रखा जाए।

सूत्र बताते हैं, रक्षा बलों की निगरानी में पूरा लॉजिस्टिक्स नेटवर्क संचालित करने का खाका तैयार किया जा रहा है, ताकि पेपर लीक माफिया के लिए   किसी भी स्तर पर सेंध लगाना लगभग असंभव हो जाए। हालांकि इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है, लेकिन केंद्र सरकार तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं का बारीकी से आकलन कर रही है।


बैठक का मूल एजेंडा नीट की विश्वसनीयता हर हाल में बहाल करना। सरकार का मानना है कि यदि दोबारा होने जा रही परीक्षा में भी कोई गड़बड़ी हुई, तो इसका असर सिर्फ 23 लाख छात्रों के भविष्य पर नहीं, बल्कि सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा प्रणाली की साख पर भी पड़ेगा।

दोबारा परीक्षा के लिए सवा तीन लाख अभ्यर्थियों ने बदला शहर
एनटीए ने दोबारा परीक्षा के लिए छात्रों को शहर बदलने का मौका दिया था। इसका लाभ उठाते हुए 22.80 लाख उम्मीदवारों में से सवा तीन लाख ने शहर बदला है। विदेश के 14 शहरों में 5,000 छात्र परीक्षा देंगे। खास बात है कि भारत में 551 तो विदेशों में 14 शहरों के 5,432 केंद्रों में परीक्षा होगी। 98.8 फीसदी केंद्र सरकारी स्कूल या कॉलेज होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed