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CISF: काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला, सीआईएसएफ को सौंपी गई यह अहम जिम्मेदारी
Sun, 11 Sep 2022 05:28 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 11 Sep 2022 05:28 PM IST
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बाबा विश्वनाथ धाम में उमड़े भक्त।
- फोटो : अमर उजाला
काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर और मंदिर कॉम्पलैक्स की सुरक्षा का विश्लेषण करने के लिए केंद्र ने सीआईएसएफ स्पेशल सिक्योरिटी विंग टीम को शामिल किया है। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।
केंद्रीय गृहमंत्रालय ने हाल ही में सीआईएसएफ को इसकी सुरक्षा का जिम्मा अपने हाथों में लेने का निर्देश दिया है। इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रोफेशनल सिक्योरिटी और फायर कंसल्टेंसी मुहैया कराने की मांग की थी।
सूत्रों के मुताबिक, सीआईएसएफ कंसल्टेंसी विंग की एक टीम वर्तमान में काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर और वाराणसी में गंगा नदी किनारे स्थित मंदिर परिसर का सर्वेक्षण कर रही है।
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एक वरिष्ठ ने बताया कि टीम पूरे मंदिर परिसर की सुरक्षा जरूरतों पर एक रिपोर्ट तैयार करेगी और परिसर की बेहतर सुरक्षा और निगरानी सुनिश्चित करने के लिए जरूरी सुझाव देगी।
उन्होंने कहा कि सीआईएसएफ के एक्सपर्ट इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर के लिए एक तोड़फोड़ विरोधी योजना तैयार करेंगे कि हर महीने यहां लाखों तीर्थयात्री पहुंचते हैं।
अधिकारी ने कहा कि यह योजना मंदिर और कॉरिडोर परिसर के भीतर सीसीटीवी कैमरों की तैनाती, सुरक्षा चौकियों के स्थान, अग्नि सुरक्षा उपकरण की मौजूदगी सुनिश्चित करेगी।
अधिकारियों के मुताबिक, सीआईएसएफ द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवा लागत के आधार पर की जाती है और काशी विश्वनाथ जैसे बड़े परिसर के लिए सुरक्षा के लिए राज्य सरकार को लगभग 18.75 लाख रुपये खर्च करना चाहिए।
काशी विश्वधाम मंदिर पहले से ही सीआरपीएफ की एक सशस्त्र इकाई द्वारा संरक्षित है। हालांकि सुरक्षा सर्वेक्षण पूरे मंदिर और कॉरिडोर परिसर को एक जैसा सुरक्षा करने का तरीका सुझाएगा।
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केंद्रीय गृहमंत्रालय ने हाल ही में सीआईएसएफ को इसकी सुरक्षा का जिम्मा अपने हाथों में लेने का निर्देश दिया है। इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रोफेशनल सिक्योरिटी और फायर कंसल्टेंसी मुहैया कराने की मांग की थी।
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सूत्रों के मुताबिक, सीआईएसएफ कंसल्टेंसी विंग की एक टीम वर्तमान में काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर और वाराणसी में गंगा नदी किनारे स्थित मंदिर परिसर का सर्वेक्षण कर रही है।
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एक वरिष्ठ ने बताया कि टीम पूरे मंदिर परिसर की सुरक्षा जरूरतों पर एक रिपोर्ट तैयार करेगी और परिसर की बेहतर सुरक्षा और निगरानी सुनिश्चित करने के लिए जरूरी सुझाव देगी।
उन्होंने कहा कि सीआईएसएफ के एक्सपर्ट इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर के लिए एक तोड़फोड़ विरोधी योजना तैयार करेंगे कि हर महीने यहां लाखों तीर्थयात्री पहुंचते हैं।
अधिकारी ने कहा कि यह योजना मंदिर और कॉरिडोर परिसर के भीतर सीसीटीवी कैमरों की तैनाती, सुरक्षा चौकियों के स्थान, अग्नि सुरक्षा उपकरण की मौजूदगी सुनिश्चित करेगी।
अधिकारियों के मुताबिक, सीआईएसएफ द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवा लागत के आधार पर की जाती है और काशी विश्वनाथ जैसे बड़े परिसर के लिए सुरक्षा के लिए राज्य सरकार को लगभग 18.75 लाख रुपये खर्च करना चाहिए।
काशी विश्वधाम मंदिर पहले से ही सीआरपीएफ की एक सशस्त्र इकाई द्वारा संरक्षित है। हालांकि सुरक्षा सर्वेक्षण पूरे मंदिर और कॉरिडोर परिसर को एक जैसा सुरक्षा करने का तरीका सुझाएगा।