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विधानसभाओं के पास मवेशियों के संरक्षण के लिए कानून बनाने की विशेष शक्तियां: केंद्र
amarujala.com- presented by: संदीप भट्ट
Updated Tue, 18 Jul 2017 09:52 PM IST
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सरकार ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि मवेशियों के संरक्षण के लिए राज्य विधानसभाओं के पास कानून बनाने की ‘विशेष’ शक्तियां है। सदन ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के राजस्थान हाईकोर्ट के सुझाव पर सरकार की प्रतिक्रिया जाननी चाही, तब पर्यावरण मंत्री हर्ष वर्धन ने यह बात कही।
वर्धन ने लिखित जवाब में कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट में चल रहे एक मामले में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने का सुझाव राज्य को दिया गया था, ऐसे में भारत सरकार इस मामले में प्रतिवादी नहीं है।
दरअसल एक मामले पर सुनवाई करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने इस साल 31 मई को राजस्थान सरकार को सुझाव दिया था कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर दिया जाना चाहिए।
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साथ ही कहा था कि राज्य सरकार गाय के संरक्षण और गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिलाने के लिए प्रयास करे। वर्धन ने मामले की व्याख्या करते हुए कहा कि साफ है कि भारत सरकार इस मामले में प्रतिवादी नहीं है।
उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 246(3) के अंतर्गत भारत के संघ और राज्यों के बीच विधायी शक्तियों के वितरण के तहत मवेशियों का संरक्षण एक ऐसा मामला है जिस पर राज्य विधायिका के पास कानून बनाने के लिए विशेष शक्तियां हैं।
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वर्धन ने लिखित जवाब में कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट में चल रहे एक मामले में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने का सुझाव राज्य को दिया गया था, ऐसे में भारत सरकार इस मामले में प्रतिवादी नहीं है।
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दरअसल एक मामले पर सुनवाई करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने इस साल 31 मई को राजस्थान सरकार को सुझाव दिया था कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर दिया जाना चाहिए।
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साथ ही कहा था कि राज्य सरकार गाय के संरक्षण और गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिलाने के लिए प्रयास करे। वर्धन ने मामले की व्याख्या करते हुए कहा कि साफ है कि भारत सरकार इस मामले में प्रतिवादी नहीं है।
उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 246(3) के अंतर्गत भारत के संघ और राज्यों के बीच विधायी शक्तियों के वितरण के तहत मवेशियों का संरक्षण एक ऐसा मामला है जिस पर राज्य विधायिका के पास कानून बनाने के लिए विशेष शक्तियां हैं।