{"_id":"657349208008ff45dc0a6cdb","slug":"govt-approves-rs-2500-cr-for-continuation-of-interest-equalisation-scheme-up-to-june-next-2023-12-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"ब्याज समानीकरण: योजना को जारी रखने के लिए 2500 करोड़ रुपये मंजूर, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लगाई मुहर","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
ब्याज समानीकरण: योजना को जारी रखने के लिए 2500 करोड़ रुपये मंजूर, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लगाई मुहर
Fri, 08 Dec 2023 10:19 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Fri, 08 Dec 2023 10:19 PM IST
सार
एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि 30 जून 2024 तक ब्याज समानीकरण योजना को जारी रखने के लिए 2,500 करोड़ रुपये के अतिरिक्त आवंटन को मंजूरी दी गई है।
विज्ञापन
पीएम नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
अगले वर्ष तक प्री और पोस्ट शिपमेंट रुपये निर्यात ऋण पर ब्याज समानीकरण या सब्सिडी योजना को जारी रखने के लिए 2,500 करोड़ रुपये के अतिरिक्त आवंटन को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी।
चिन्हित क्षेत्रों के निर्यातकों और सभी एमएसएमई निर्माता निर्यातकों को ऐसे समय में प्रतिस्पर्धी दरों पर निर्यात ऋण प्राप्त करने में मदद मिलेगी, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना कर रही है। बता दें निर्यातकों को ब्याज समानीकरण योजना के तहत प्री और पोस्ट-शिपमेंट रुपये निर्यात ऋण के लिए सब्सिडी मिलती है।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि 30 जून 2024 तक ब्याज समानीकरण योजना को जारी रखने के लिए 2,500 करोड़ रुपये के अतिरिक्त आवंटन को मंजूरी दी गई है।
410 उत्पादों का निर्यात करने वाले निर्माता और व्यापारी निर्यातकों को दो प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी और सभी एमएसएमई निर्यातकों को तीन प्रतिशत मिलेगी। बता दें यह योजना अप्रैल, 2015 को शुरू की गई थी और शुरुआत में 31 मार्च, 2020 तक पांच साल के लिए वैध थी। इसके बाद इसे जारी रखा गया है, जिसमें कोविड के दौरान एक वर्ष का विस्तार और आगे के विस्तार और फंड आवंटन शामिल हैं।
विज्ञापन
इस वित्तीय वर्ष में 30 नवंबर तक सरकार ने योजना के तहत आवंटित बजट 2932 रुपये के मुकाबले 2641.28 करोड़ रुपये वितरित किए हैं। 2022-23 में 3118 करोड़ रुपये और 2021-22 में 3488 करोड़ रुपये वितरित किए गए।
विज्ञापन
चिन्हित क्षेत्रों के निर्यातकों और सभी एमएसएमई निर्माता निर्यातकों को ऐसे समय में प्रतिस्पर्धी दरों पर निर्यात ऋण प्राप्त करने में मदद मिलेगी, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना कर रही है। बता दें निर्यातकों को ब्याज समानीकरण योजना के तहत प्री और पोस्ट-शिपमेंट रुपये निर्यात ऋण के लिए सब्सिडी मिलती है।
विज्ञापन
एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि 30 जून 2024 तक ब्याज समानीकरण योजना को जारी रखने के लिए 2,500 करोड़ रुपये के अतिरिक्त आवंटन को मंजूरी दी गई है।
410 उत्पादों का निर्यात करने वाले निर्माता और व्यापारी निर्यातकों को दो प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी और सभी एमएसएमई निर्यातकों को तीन प्रतिशत मिलेगी। बता दें यह योजना अप्रैल, 2015 को शुरू की गई थी और शुरुआत में 31 मार्च, 2020 तक पांच साल के लिए वैध थी। इसके बाद इसे जारी रखा गया है, जिसमें कोविड के दौरान एक वर्ष का विस्तार और आगे के विस्तार और फंड आवंटन शामिल हैं।
विज्ञापन
इस वित्तीय वर्ष में 30 नवंबर तक सरकार ने योजना के तहत आवंटित बजट 2932 रुपये के मुकाबले 2641.28 करोड़ रुपये वितरित किए हैं। 2022-23 में 3118 करोड़ रुपये और 2021-22 में 3488 करोड़ रुपये वितरित किए गए।