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राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा, मैं पश्चिम बंगाल में शिक्षा को राजनीतिक पिंजरे में फंसा देख रहा हूं
Thu, 16 Jul 2020 02:59 PM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: अनवर अंसारी
Updated Thu, 16 Jul 2020 02:59 PM IST
सार
- पश्चिम बंगाल में राज्यपाल और मुख्यमंत्री फिर आमने-सामने
- भाजपा प्रवक्ता से ज्यादा खतरनाक तरीके से काम कर रहे राज्यपाल : ममता
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राज्यपाल जगदीप धनखड़
- फोटो : ANI
विस्तार
पश्चिम बंगाल में राज्यपाल जगदीप धनखड़ और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच जुबानी जंग तेज होती जा रही है। बृहस्पतिवार को दोनों ने एक दूसरे पर जुबानी हमले बोले। राज्यपाल ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को आलोचना करने के साथ ही उनके द्वारा बुलाई गई बैठक में अनुपस्थित रहने वाले वाइस चांसलरों से स्पष्टीकरण मांगे जाने की बात कही।
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उधर, धनखड़ के बयान पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि धनखड़ भाजपा के प्रवक्ता से ‘ज्यादा खतरनाक’ तरीके से काम कर रहे हैं। सांविधानिक पद पर बैठे हुए किसी भी इंसान को यह शोभा नहीं देता।
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बुधवार को राज्यपाल ने बुलाई थी बैठक, एक ही वीसी पहुंचे
धनखड़ ने बृहस्पतिवार को शिक्षा नीति को लेकर राज्य सरकार पर हमला किया। राज्य सरकार द्वारा विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की राज्यपालके साथ होने वाली वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शिरकत करने की मंजूरी न देने पर उन्होंने राज्य सरकार की निंदा की। बैठक में केेवल एक ही वाइस चांसलर पहुंचे थे।
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उन्होंने कहा कि बैठक मे अनुपस्थित होने वाले वाइस चांसलरों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। धनखड़ ने कहा, किसी समाज की आत्मा उसकी शिक्षा होती है, जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को मिलती है। लेकिन राज्य में शिक्षा राजनीतिक पिंजरे में फंसे होने के साथ ही नियंत्रित की जा रही है।
शिक्षा में राजनीतिक पकड़ मजबूत होती जा रही है, इससे विद्यार्थियों के हितों के साथ ही शिक्षा परिदृश्य और समाज को बड़ा नुकसान होगा। वहीं, वाइस चांसलरों की बैठक में भाग न लेने पर पश्चिम बंगाल सरकार के विशेष सचिव ने राज्यपाल के ओएसडी डीके गौतम को लिखा है कि किसी भी राज्य-सहायता प्राप्त विश्वविद्यालय में कुलाधिपति द्वारा किए जाने वाले संचार को विभाग के माध्यम से किया जाए और एक बार विभाग द्वारा अनुमोदित होने पर ही आगे कार्रवाई होगी। अधिकारी के मुताबिक सरकार ने ऐसी किसी वीडियो कॉन्फ्रेंस को मंजूरी नहीं दी थी।
सांविधानिक पद के अनुरूप काम नहीं कर रहे राज्यपाल : ममता
राज्यपाल धनखड़ के बयान पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि धनखड़ भाजपा के प्रवक्ता से ‘ज्यादा खतरनाक’ तरीके से काम कर रहे हैं। सांविधानिक पद पर बैठे हुए किसी भी इंसान को यह शोभा नहीं देता।
उन्हें संविधान के मुताबिक काम करना चाहिए। संवाद न करने वाले धनखड़ के आरोप में ममता ने कहा, हम राज्यपाल के लगातार संपर्क में हैं। बुधवार को मैंने उनके साथ चार बार वार्ता की... ऐसा लगता है कि हम नौकर हैं और हम उन्हें जवाब देने के लिए वेतन ले रहे हैं और हमें उन्हें हर पल जवाब देना होगा।
राज्य सरकार क्या करे कोविड महामारी से निपटे या फिर उनके सवालों का जवाब देती रहे। इसके साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को आश्वस्त किया कि बैठक में अनुपस्थित रहने पर राज्यपाल की चेतावनी से डरने की जरूरत नहीं है। सरकार सौ फीसदी उनके साथ है।
वहीं भाजपा विधायक देबेंद्र नाथ रॉय की मौत को राज्यपाल द्वारा राजनीतिक हत्या के दावे की ममता ने निंदा की। ममता ने कहा कि मेरा मानना है राज्यपाल को आरोप साबित करना चाहिए। ऐसा नहीं करने पर वह कुर्सी पर बने रहने की विश्वसनीयता खो देंगे।