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MGNREGA: प. बंगाल के राज्यपाल 21 लाख लोगों के साथ, TMC ने सौंपा ज्ञापन, अगले ही दिन गृह मंत्री से मिलने पहुंचे
Tue, 10 Oct 2023 04:31 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Tue, 10 Oct 2023 04:31 PM IST
सार
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस दिल्ली दौरे पर पहुंचे। राष्ट्रीय राजधानी के दौरे पर पहुंचे राज्यपाल ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। राज्यपाल ने गृह मंत्री से बाढ़ और केंद्र से मिलने वाली राशि का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
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amit shah wb governor meeting
- फोटो : ANI
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विस्तार
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। उन्होंने अवैतनिक बकाया और बंगाल के कुछ हिस्सों में बाढ़ की स्थिति के मुद्दे पर प्रमुखता से चर्चा की। रिपोर्ट्स के अनुसार राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने पश्चिम बंगाल में मनरेगा के बकाए का मुद्दा उठाने का आश्वासन दिया था। तृणमूल कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन देने के एक दिन बाद, राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से नई दिल्ली में उनके आवास पर मुलाकात की। राजभवन के एक अधिकारी ने बताया कि दोनों के बीच लगभग एक घंटे तक बातचीत की।
उत्तर बंगाल में बाढ़ पर चर्चा, बकाया का मुद्दा भी उठाया
अधिकारी ने बताया कि राज्यपाल ने मनरेगा के मद में बकाया केंद्रीय निधि के लिए पश्चिम बंगाल सरकार के दावों के बारे में उनसे बात की। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, अधिकारी ने बताया कि गृह मंत्री और राज्यपाल के बीच चर्चा मुख्य रूप से मनरेगा और केंद्र से पश्चिम बंगाल को मिलने वाली बकाया राशि पर केंद्रित रही। उन्होंने शाह को उत्तर बंगाल के जिलों में बाढ़ की स्थिति के बारे में भी जानकारी दी।
पश्चिम बंगाल के सरकारी खाते में विसंगतियों के आरोप
उन्होंने बताया कि कोलकाता में टीएमसी के प्रतिनिधिमंडल साथ बैठक के तुरंत बाद बोस सोमवार शाम को ही नई दिल्ली रवाना हो गए थे। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने पहले दावा किया था कि योजना के लिए पश्चिम बंगाल के सरकारी खातों में विसंगतियां पाए जाने के कारण भुगतान में देरी हुई थी।
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राज्यपाल 21 लाख लोगों के अधिकारों के साथ
टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने राज्यपाल और गृह मंत्री की मुलाकात के बाद कहा, मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए तत्काल पहल करने के लिए राज्यपाल बोस को धन्यवाद। बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म- एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस को मेरी हार्दिक कृतज्ञता... मनरेगा के तहत वंचित पश्चिम बंगाल के 21 लाख से अधिक लोगों के उचित अधिकारों के लिए उन्होंने त्वरित हस्तक्षेप किया।"
9 अक्टूबर को ज्ञापन सौंपा, अगले दिन दिल्ली पहुंच गए राज्यपाल
सांसद अभिषेक बनर्जी टीएमसी में ममता बनर्जी के बाद नंबर दो माने जाते हैं। उन्होंने राज्यपाल की तरफ से लिखा गया पत्र शेयर किया। बोस ने अभिषेक बनर्जी को बताया कि 9 अक्तूबर को टीएमसी के ज्ञापन के संदर्भ में भारत सरकार के समक्ष मामलों को उठाया गया है। बता दें कि अभिषेक बनर्जी ने टीएमसी के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था। उन्होंने मनरेगा मुद्दे पर बोस को ज्ञापन सौंपा, जिसके बाद राजभवन के बाहर टीएमसी का पांच दिवसीय धरना खत्म हो गया।
टीएमसी ने कहा, दोबारा शुरू करेंगे आंदोलन
बता दें कि शनिवार को, राज्यपाल ने दार्जिलिंग में टीएमसी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी। श्रमिकों को मनरेगा मजदूरी का "भुगतान न करने" के मामले में सरकार की तरफ से संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर टीएमसी ने एक नवंबर से आंदोलन दोबारा शुरू करने की धमकी दी है।
कृषि मंत्री मुलाकात करने में नाकाम रहे टीएमसी नेता
बता दें कि अभिषेक बनर्जी ने टीएमसी विधायकों, सांसदों, मंत्रियों और मनरेगा कार्यकर्ताओं के साथ हाल ही में नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया था। टीएमसी नेताओं का दल केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति से मिलने के लिए कृषि भवन की तरफ जाना चाहता था। टीएमसी का दावा है कि मंत्री ने उनसे मिलने से इनकार कर प्रतिनिधिमंडल को पांच सदस्यों तक सीमित कर दिया था।
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उत्तर बंगाल में बाढ़ पर चर्चा, बकाया का मुद्दा भी उठाया
अधिकारी ने बताया कि राज्यपाल ने मनरेगा के मद में बकाया केंद्रीय निधि के लिए पश्चिम बंगाल सरकार के दावों के बारे में उनसे बात की। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, अधिकारी ने बताया कि गृह मंत्री और राज्यपाल के बीच चर्चा मुख्य रूप से मनरेगा और केंद्र से पश्चिम बंगाल को मिलने वाली बकाया राशि पर केंद्रित रही। उन्होंने शाह को उत्तर बंगाल के जिलों में बाढ़ की स्थिति के बारे में भी जानकारी दी।
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पश्चिम बंगाल के सरकारी खाते में विसंगतियों के आरोप
उन्होंने बताया कि कोलकाता में टीएमसी के प्रतिनिधिमंडल साथ बैठक के तुरंत बाद बोस सोमवार शाम को ही नई दिल्ली रवाना हो गए थे। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने पहले दावा किया था कि योजना के लिए पश्चिम बंगाल के सरकारी खातों में विसंगतियां पाए जाने के कारण भुगतान में देरी हुई थी।
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राज्यपाल 21 लाख लोगों के अधिकारों के साथ
टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने राज्यपाल और गृह मंत्री की मुलाकात के बाद कहा, मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए तत्काल पहल करने के लिए राज्यपाल बोस को धन्यवाद। बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म- एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस को मेरी हार्दिक कृतज्ञता... मनरेगा के तहत वंचित पश्चिम बंगाल के 21 लाख से अधिक लोगों के उचित अधिकारों के लिए उन्होंने त्वरित हस्तक्षेप किया।"
9 अक्टूबर को ज्ञापन सौंपा, अगले दिन दिल्ली पहुंच गए राज्यपाल
सांसद अभिषेक बनर्जी टीएमसी में ममता बनर्जी के बाद नंबर दो माने जाते हैं। उन्होंने राज्यपाल की तरफ से लिखा गया पत्र शेयर किया। बोस ने अभिषेक बनर्जी को बताया कि 9 अक्तूबर को टीएमसी के ज्ञापन के संदर्भ में भारत सरकार के समक्ष मामलों को उठाया गया है। बता दें कि अभिषेक बनर्जी ने टीएमसी के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था। उन्होंने मनरेगा मुद्दे पर बोस को ज्ञापन सौंपा, जिसके बाद राजभवन के बाहर टीएमसी का पांच दिवसीय धरना खत्म हो गया।
टीएमसी ने कहा, दोबारा शुरू करेंगे आंदोलन
बता दें कि शनिवार को, राज्यपाल ने दार्जिलिंग में टीएमसी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी। श्रमिकों को मनरेगा मजदूरी का "भुगतान न करने" के मामले में सरकार की तरफ से संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर टीएमसी ने एक नवंबर से आंदोलन दोबारा शुरू करने की धमकी दी है।
कृषि मंत्री मुलाकात करने में नाकाम रहे टीएमसी नेता
बता दें कि अभिषेक बनर्जी ने टीएमसी विधायकों, सांसदों, मंत्रियों और मनरेगा कार्यकर्ताओं के साथ हाल ही में नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया था। टीएमसी नेताओं का दल केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति से मिलने के लिए कृषि भवन की तरफ जाना चाहता था। टीएमसी का दावा है कि मंत्री ने उनसे मिलने से इनकार कर प्रतिनिधिमंडल को पांच सदस्यों तक सीमित कर दिया था।