सीएए के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची केरल सरकार, राज्यपाल आरिफ ने मांगा स्पष्टीकरण
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केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने राज्य सरकार से नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ उच्चतम न्यायालय जाने के मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने राज्य के मुख्य सचिव से स्पष्टीकरण देने को कहा है। इससे पहले 17 जनवरी क राज्यपाल से जवाब मांगने का संकेत दे चुके थे।
Sources: Kerala Governor Arif Mohammad Khan seeks explanation from State Government's Chief Secretary regarding Kerala moving to Supreme Court against #CitizenshipAmendmentAct (file pic) pic.twitter.com/OmLVUjIPWo
— ANI (@ANI) January 19, 2020
खान ने केरल सरकार की निंदा करते हुए नई दिल्ली में संवाददाताओं से कहा था, 'जब कभी मैं कोई उल्लंघन देखता हूं, जहां कहीं भी मैं किसी को कानून के विपरीत या संविधान की धाराओं के खिलाफ जाते हुए देखता हूं, तो ऐसा हो ही नहीं सकता कि मैं जवाब तलब न करूं। हमारे बीच कोई मतभेद नहीं हैं। यह सुनिश्चित करना मेरी जिम्मेदारी है कि चीजें उस अवस्था तक न पहुंचें जहां संवैधानिक मशीनरी का पतन होता हो।'
सरकार को मुझे करना चाहिए था सूचित: राज्यपाल
16 जनवरी को राज्यपाल ने कहा था कि मुझे केरल सरकार के सुप्रीम कोर्ट में अपील करने को लेकर कोई परेशानी नहीं है। लेकिन, उन्हें मुझे सूचित करना चाहिए था। संवैधानिक प्रमुख होने के बावजूद मुझे इसके बारे में समाचारपत्रों के माध्यम से पता चला।
उन्होंने कहा था कि जाहिर है कि मैं रबर स्टांप नहीं हूं। यह प्रोटोकॉल और शिष्टाचार का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि मैं इसके बारे में पता करूंगा कि क्या राज्यपाल की मंजूरा के बिना राज्य सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकती है कि नहीं। यदि उन्हें अनुमोदन की जरूरत नहीं थी तब वे केवल मुझे सूचित कर सकते थे।
बता दें कि 14 जनवरी को केरल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ अपील की थी। सरकार ने इसे असंवैधानिक घोषित करने की मांग भी की थी। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन साफ कर चुके हैं की राज्य में सीएए और एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिकता पंजीकरण) लागू नहीं होगा। अपने इस कदम को लेकर केरल सरकार का कहना है कि यह कानून संविधान के अनुच्छेद 14, 21 और 25 के साथ-साथ धर्मनिरपेक्षता के मूल सिद्धांत के भी खिलाफ है।