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Manipur: 'सरकार स्वदेशी लोगों की रक्षा के लिए कड़ी मेहनत कर रही', कार्यक्रम में बोले सीएम बीरेन सिंह
Fri, 13 Dec 2024 06:18 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
Published by: श्वेता महतो
Updated Fri, 13 Dec 2024 06:18 PM IST
सार
मुख्यमंत्री ने बताया कि मखेल गांव में छह करोड़ की लागत से एक स्वदेशी जातीय सांस्कृतिक केंद्र विकसित किया गया। इसके तहत कई ऐतिहासिक स्थलों का विकास किया गया।
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एन बीरेन सिंह
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह शुक्रवार को कामजोंग जिले के चाडोंग गांव में मणिपुर स्वदेशी लोग सांस्कृतिक आदान-प्रदान महोत्सव के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि उनकी सरकार राज्य में स्वदेशी लोगों के लिए अधिकार, सम्मान और भूमि स्वामित्व सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने स्वदेशी लोगों के लिए संवैधानिक सुरक्षा का आह्वान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम बीरेन सिंह ने कहा, "प्राचीनकाल से रहे रहे लोगों के लिए यह महत्वपूर्ण समय है। दो हजार वर्षों से भी अधिक के इतिहास में हमारी भूमि की सुरक्षा तलवारों और भालों से की गई है। अंग्रेजों के आने के बाद ही बंदूकें आईं। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने साझा संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत को मजबूत करने के लिए गो टू हिल्स अभियान शुरू किया है।"
सीएम बीरेन सिंह ने दावा किया, "स्वदेशी समुदाय को समझना समय की मांग है। कई लोग राज्य के बाहर होने वाली घटनाओं के कारण जनसांख्यिकी परिवर्तनों को स्वीकार नहीं करना चाहते हैं। हम स्वदेशी समुदाय को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा, "सरकार स्वदेशी लोगों के लिए अधिकार, सम्मान और भूमि स्वामित्व सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। हम इसमें सफल होंगे।"
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मुख्यमंत्री का नागरिकों से आग्रह
मुख्यमंत्री ने बताया कि मखेल गांव में छह करोड़ की लागत से एक स्वदेशी जातीय सांस्कृतिक केंद्र विकसित किया गया। उन्होंने कहा, "मेरे मुख्यमंत्री बनने के बाद मैंने 'गो टू हिल्स' अभियान शुरू किया। इसके तहत कई ऐतिहासिक स्थलों का विकास किया गया।" सीएम बीरेन सिंह ने उन लोगों से भी आग्रह किया जो जनसंख्या और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर लगातार सरकार की आलोचना करते हैं। उन्होंने कहा, "कृपया इसका भी अध्ययन करें कि क्यों एक समुदाय में जनसंख्या में भारी वृद्धि हो रही है और अन्य समुदायों में नहीं। अगर मैंने जो भी किया और कहा, उसमें कुछ गलत था तो मैं इसपर कुछ नहीं कह सकता। आप मुझे सजा दे सकते हैं। सिर्फ गपशप से भूमि और स्वदेशी लोगों को नहीं बचाया जा सकता है।"
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से स्वदेशी लोगों को बचाने में सरकार की तरफ से उठाए गए कदम का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने कहा, "सरकार स्वदेशी लोगों की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी।" उन्होंने कहा कि उनकी सरकार स्वदेशी लोगों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
सीएम बीरेन सिंह ने कहा कि राज्य के युवाओं की सुरक्षा के लिए नशीली दवाओं के खिलाफ युद्ध जारी रहेगा। उन्होंने उखरुल और कांगपोकपी क्षेत्रों में 100 एकड़ से अधिक अवैध पोस्ते की खेती को नष्ट करने के लिए असम राइफल्स और उखरुल जिला एसपी के प्रयासों की सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने लोगों को क्रिसमस की भी शुभकामनाएं दी।
संबंधित वीडियो
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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम बीरेन सिंह ने कहा, "प्राचीनकाल से रहे रहे लोगों के लिए यह महत्वपूर्ण समय है। दो हजार वर्षों से भी अधिक के इतिहास में हमारी भूमि की सुरक्षा तलवारों और भालों से की गई है। अंग्रेजों के आने के बाद ही बंदूकें आईं। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने साझा संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत को मजबूत करने के लिए गो टू हिल्स अभियान शुरू किया है।"
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सीएम बीरेन सिंह ने दावा किया, "स्वदेशी समुदाय को समझना समय की मांग है। कई लोग राज्य के बाहर होने वाली घटनाओं के कारण जनसांख्यिकी परिवर्तनों को स्वीकार नहीं करना चाहते हैं। हम स्वदेशी समुदाय को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा, "सरकार स्वदेशी लोगों के लिए अधिकार, सम्मान और भूमि स्वामित्व सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। हम इसमें सफल होंगे।"
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मुख्यमंत्री का नागरिकों से आग्रह
मुख्यमंत्री ने बताया कि मखेल गांव में छह करोड़ की लागत से एक स्वदेशी जातीय सांस्कृतिक केंद्र विकसित किया गया। उन्होंने कहा, "मेरे मुख्यमंत्री बनने के बाद मैंने 'गो टू हिल्स' अभियान शुरू किया। इसके तहत कई ऐतिहासिक स्थलों का विकास किया गया।" सीएम बीरेन सिंह ने उन लोगों से भी आग्रह किया जो जनसंख्या और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर लगातार सरकार की आलोचना करते हैं। उन्होंने कहा, "कृपया इसका भी अध्ययन करें कि क्यों एक समुदाय में जनसंख्या में भारी वृद्धि हो रही है और अन्य समुदायों में नहीं। अगर मैंने जो भी किया और कहा, उसमें कुछ गलत था तो मैं इसपर कुछ नहीं कह सकता। आप मुझे सजा दे सकते हैं। सिर्फ गपशप से भूमि और स्वदेशी लोगों को नहीं बचाया जा सकता है।"
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से स्वदेशी लोगों को बचाने में सरकार की तरफ से उठाए गए कदम का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने कहा, "सरकार स्वदेशी लोगों की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी।" उन्होंने कहा कि उनकी सरकार स्वदेशी लोगों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
सीएम बीरेन सिंह ने कहा कि राज्य के युवाओं की सुरक्षा के लिए नशीली दवाओं के खिलाफ युद्ध जारी रहेगा। उन्होंने उखरुल और कांगपोकपी क्षेत्रों में 100 एकड़ से अधिक अवैध पोस्ते की खेती को नष्ट करने के लिए असम राइफल्स और उखरुल जिला एसपी के प्रयासों की सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने लोगों को क्रिसमस की भी शुभकामनाएं दी।
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