{"_id":"5a9f02104f1c1bc83b8ba6e1","slug":"government-to-first-select-member-in-selection-committee-before-selection-of-lokpal","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोकपाल से पहले उसकी चयन समिति में खाली पद भरेगी सरकार","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
लोकपाल से पहले उसकी चयन समिति में खाली पद भरेगी सरकार
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Wed, 07 Mar 2018 02:33 AM IST
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि लोकपाल की नियुक्त करने वाली चयन समिति पहले नामचीन हस्ती का चयन करेगी। सरकार ने बताया कि नामचीन व्यक्ति का चयन जल्द किया जाएगा।
सरकार की ओर से न्यायमूर्ति रंजन गोगई की अध्यक्षता वाली पीठ को जानकारी दी गई कि गत एक जनवरी को चयन समिति की बैठक हुई थी। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और भारत के प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा शामिल हुए। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने बैठक में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया था। खड़गे ने विशेष आमंत्रित के तौर पर बुलाए जाने के कारण बैठक में शामिल होने से इनकार किया था।
कार्मिक विभाग द्वारा दायर हलफनामे में कहा गया कि लोकसभा में सबसे बड़े विपक्षी दल कांग्रेस के नेता खड़गे को विशेष आमंत्रित के तौर पर बुलाया गया था लेकिन उन्होंने बैठक में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया। मालूम हो कि लोकपाल की चयन समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष, विपक्ष के नेता, भारत के प्रधान न्यायाधीश या नामित सुप्रीम कोर्ट के जज और एक नामचीन हस्ती के होने का प्रावधान है।
विज्ञापन
अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने पीठ को बताया कि नामचीन हस्ती का चयन जल्द कर लिया जाएगा। मालूम हो कि वरिष्ठ वकील पीपी राव के निधन के बाद यह पद खाली हो गया था। इस पर पीठ ने सवाल किया कि आखिर कब तक इस पद को भर लिया जाएगा।
वहीं याचिकाकर्ता संगठन की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि सरकार लोकपाल नियुक्त करना ही नहीं चाहती है। वह बहाने बना रही है। जिसके बाद पीठ ने सुनवाई को 17 अप्रैल तक के लिए टालते हुए कहा कि हम देखेंगे कि चार हफ्ते में सरकार क्या करती है।
विज्ञापन
सरकार की ओर से न्यायमूर्ति रंजन गोगई की अध्यक्षता वाली पीठ को जानकारी दी गई कि गत एक जनवरी को चयन समिति की बैठक हुई थी। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और भारत के प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा शामिल हुए। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने बैठक में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया था। खड़गे ने विशेष आमंत्रित के तौर पर बुलाए जाने के कारण बैठक में शामिल होने से इनकार किया था।
विज्ञापन
कार्मिक विभाग द्वारा दायर हलफनामे में कहा गया कि लोकसभा में सबसे बड़े विपक्षी दल कांग्रेस के नेता खड़गे को विशेष आमंत्रित के तौर पर बुलाया गया था लेकिन उन्होंने बैठक में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया। मालूम हो कि लोकपाल की चयन समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष, विपक्ष के नेता, भारत के प्रधान न्यायाधीश या नामित सुप्रीम कोर्ट के जज और एक नामचीन हस्ती के होने का प्रावधान है।
विज्ञापन
अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने पीठ को बताया कि नामचीन हस्ती का चयन जल्द कर लिया जाएगा। मालूम हो कि वरिष्ठ वकील पीपी राव के निधन के बाद यह पद खाली हो गया था। इस पर पीठ ने सवाल किया कि आखिर कब तक इस पद को भर लिया जाएगा।
वहीं याचिकाकर्ता संगठन की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि सरकार लोकपाल नियुक्त करना ही नहीं चाहती है। वह बहाने बना रही है। जिसके बाद पीठ ने सुनवाई को 17 अप्रैल तक के लिए टालते हुए कहा कि हम देखेंगे कि चार हफ्ते में सरकार क्या करती है।