क्या घरों में सोना रखने पर पाबंदी लगा सकती है सरकार?
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कालेधन पर अंकुश के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से अगला कदम सोने की घरेलू खपत को सीमित करना हो सकता है। सत्ता के गलियारे से लेकर सराफा बाजार तक में जताई जा रही इस संभावना को देखते हुए सोने की कीमत में लगातार गिरावट आ रही है।
सरकार के भावी कदम की संभावना से सोने के आयात में भारी कटौती की उम्मीद की जा रही है। इससे भारत के व्यापार घाटे में कमी आएगी। भारत की तरफ से होने वाले वस्तुओं के आयात में सोने व चांदी की दूसरी सबसे बड़ी हिस्सेदारी है।
सराफा विशेषज्ञों के मुताबिक सोने के दाम वैश्विक स्तर पर तय होते हैं, लेकिन भारत चीन के बाद सोने की खपत करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश है। ऐसे में भारत में सोने के प्रति लगाव में कमी के रुख से विश्व बाजार अछूता नहीं रह सकता है। तभी सोने के भाव शुक्रवार को प्रति 10 ग्राम 29,400 रुपये के स्तर पर आ गए। 8 नवंबर को नोटबंदी के फैसले के बाद सोने के भाव लगभग 60,000 रुपये (पुराने नोट से) प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गए थे।
नकेल कसने की है सरकार की मंशा
विशेषज्ञों के मुताबिक भारत में सालाना लगभग 700 टन सोने का आयात किया जाता है। देश में सोने की सालाना घरेलू मांग लगभग 1,000 टन की होती है और इनमें से एक तिहाई से अधिक सोने की खरीदारी काले धन से की जाती है।
सरकार की तरफ से सोने की घरेलू खपत की मात्रा को सीमित करने से काले धन पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है। नाम नहीं छापने की शर्त पर सराफा कारोबारियों ने बताया कि इस साल बजट में 2 लाख रुपये से अधिक के सोने की खरीदारी पर पैन कार्ड नंबर को अनिवार्य किए जाने के बाद ही सरकार की मंशा दिखने लगी थी।
आयात घटने से व्यापार घाटे में आएगी कमी
ज्वैलरी निर्यातक बाबुलाल झावेरी ने बताया कि सोने को लेकर सरकारी फैसले की आशंका को देखते हुए सोने के आयात में कमी आने लगी है और इससे भारत के व्यापार घाटे में भी कमी आएगी। इस साल अक्तूबर में सोने के आयात में पिछले साल अक्तूबर के मुकाबले 108 फीसदी की बढ़ोतरी रही। इस साल अक्तूबर में भारत ने सोने का आयात 34,997 लाख डॉलर का किया। अक्तूबर में भारत का व्यापार घाटा 10 अरब डॉलर का रहा।