गैस की दवाओं में 'कैंसर कारक' मिलने पर जांच के आदेश, बिना पर्ची बिक्री पर रोक
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गैस कम करने के लिए प्रयोग की जा रही दवा रेनिटिडाइन में ऐसी कुछ अशुद्धियां पाई गईं हैं, जो कैंसर जैसी घातक बीमारी का कारण बन सकती हैं। एन-नाइट्रोसोडिमिथालाइन (एनडीएमए) नामक इस अशुद्धि के बारे में अमेरिका में दवाओं की नियामक संस्था यूएसएफडीए ने खुलासा किया है।
यूएसएफडीए का कहना है कि रेनिटिडाइन दवा अलग-अलग कंपनियों द्वारा कई तरह के ब्रांड नाम के साथ बेची जा रही है। इनमें से कुछ में कैंसर कारक अशुद्धि मिली है। इस खबर के बाद भारत में भी जांच के आदेश दिए गए हैं और बिना डॉक्टर की अनुशंसा के इसकी बिक्री पर रोक लगाने की बात कही जा रही है।
ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने राज्यों के ड्रग नियामकों से कहा है कि वह सभी फार्मा कंपनियों को अपने-अपने रेनिटिडाइन टेबलेट की जांच करने के लिए कहें। साथ ही यह भी पता लगाएं कि उसमें कैंसर कारक अशुद्धि है या नहीं। डीसीजीआई ने यह सुनिश्चित करने को कहा है कि यह दवा बिना डॉक्टरों के पर्ची के न बेची जाए।
देश में एसिलॉक, पैनटेक जैसे नामों से बिकती है रेनिटिडाइन दवा
इनमें एसिलॉक, पैनटेक, रेनटेक, जेनटेक जैसे कई मशहूर ब्रांड शामिल हैं। हालांकि, अब तक किसी भी भारतीय ब्रांड में कैंसर कारक अशुद्धि मिलने का खुलासा नहीं हुआ है।
उपयोगी और सुरक्षित है दवा, लोगों को घबराने की जरुरत नहीं
भारतीय विशेषज्ञों के अनुसार, रेनिटिडाइन को गैस के उपचार के लिए अन्य दवाओं की तुलना में ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। इसे एसिडिटी और अपर इंटेस्टाइनल अल्सर के अलावे किडनी की समस्या से जूझ रहे मरीजों में भी गैस के इलाज के लिए रेनिटिडाइन को तरजीह दी जाती है।
भारत सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अभी लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। सरकार इस मामले पर सही समय पर उचित कदम उठाएगी। फिलहाल अभी बाजार में इसकी कमी करने का कोई कदम नहीं उठाया गया है।