SC/ST मामले में केंद्र सरकार दायर करेगी पुनर्विचार याचिका: थावरचंद गहलोत
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केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत ने ट्वीट करके यह जानकारी दी है कि एससी/एसटी एक्ट मामले में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद केंद्र सरकार ने पुनर्विचार याचिका दाखिल करने का निर्णय लिया है। पहले ही सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक एनडीए के दलित सांसदों की मांग पर सकारात्मक कदम उठाते हुए मोदी सरकार ने यह फैसला लिया था कि वह उच्चतम न्यायालय के फैसले पर पुनर्विचार अर्जी दाखिल करेगी।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी/एसटी एक्ट मामले में फैसला देने के बाद विपक्षी पार्टियों के साथ-साथ बीजेपी के नेताओं ने भी चिंता जाहिर की थी। दलित सांसदों ने थावर चंद गहलोत के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुजारिश की थी कि इस मामले पर केंद्र की तरफ से पुनर्विचार याचिका दायर की जाए। सभी की चिंताओं को देखते हुए मोदी सरकार ने इस बाबत कदम उठाने का फैसला किया है।
सामाजिक न्याय मंत्री थावर चंद गहलोत ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि विधि मंत्रालय से राय-मशविरा के बाद यह पुनर्विचार का फैसला लिया जाएगा। दोनों मंत्रालयों के सचिवों की बैठक में इस याचिका का मसौदा तैयार किया गया था।
जानकारी के मुताबिक पिछले हफ्ते एनडीए के दलित आदिवासी सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। इसके अलावा विपक्ष लगातार इसके लिए केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा कर रही थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि मोदी राज में देश के दलित वर्ग को कमजोर करने की साजिश रची जा रही है।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब दलितों से जुड़े केस को दर्ज करने से पहले डीएसपी स्तर की जांच करानी होगी। किसी भी सरकारी अधिकारी को गिरफ्तार करने से अपने सीनियर अधिकारी से अनुमति लेनी पड़ेगी। कोर्ट का कहना है कि इस एक्ट के दुरुपयोग के कई मामले सामने आ रहे हैं। महाराष्ट्र की तरफ से दायर याचिका के बाद यह फैसला आया था।
Government has decided to file a review petition in Supreme Court over the recent ruling on SC/ST Act, tweets Union Minister Thawarchand Gehlot pic.twitter.com/1zyyhSmSRd
— ANI (@ANI) March 30, 2018
इस मुद्दे को लेकर आंदोलन करने वाले सभी संगठनो और लोगों से मेरा अनुरोध है कि केंद्र सरकार के इस निर्णय के परिपेक्ष्य में वो आंदोलन वापिस ले ।
— Dr. Thawarchand Gehlot (@TCGEHLOT) March 30, 2018