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रेहड़ी-पटरी वालों के लिए सरकार का तोहफा, पेश हो सकता है सचल दुकानों की योजना
Sun, 10 Feb 2019 04:50 PM IST
Trainee Trainee
भाषा, नई दिल्ली
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Published by: Trainee Trainee
Updated Sun, 10 Feb 2019 04:50 PM IST
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केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (एनयूएलएम) के तहत देश में रेहड़ी-पटरी वालों के लिए सचल दुकानों की योजना पेश करने पर विचार कर रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
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मंत्रालय के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने कहा कि इस अवधारणा के तहत मालिक को सचल बिक्री के लिए लाइसेंस दिए जाएंगे। मंत्रालय द्वारा हाल में आयोजित नेशनल वर्कशॉप ऑन स्ट्रीट वेंडर्स में यह विचार सामने आया था।
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मिश्रा ने कहा कि रेहड़ी पटरीवालों पर एक हालिया राष्ट्रीय कार्यशाला में कई सुझाव सामने आए। एक सुझाव देश में सचल दुकानों की इजाजत देने से जुड़ा था। मंत्रालय इस पर विचार करेगा और यह समाधान तलाशने की कोशिश करेगा कि हम कैसे कोष उपलब्ध करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि रेहड़ी पटरी अधिनियम 2014 के तहत देश भर में 2,430 शहरों में अब तक 18 लाख रेहड़ी पटरीवालों की पहचान की गई है।
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