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चुनावी बॉन्ड खरीदारों की पहचान पर शीर्ष अदालत आज सुनाएगा फैसला
Fri, 12 Apr 2019 07:28 AM IST
गौरव द्विवेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Fri, 12 Apr 2019 07:28 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यदि इलेक्टोरल बॉन्ड के खरीदारों की पहचान ही नहीं हो पाई, तो चुनावों में काले धन पर रोक लगाने के सरकार के प्रयास व्यर्थ होंगे। चुनावी बॉन्ड की वैधता को चुनौती देने वाली एनजीओ की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। शीर्ष अदालत शुक्रवार को 10:30 बजे इस पर अपना फैसला सुनाएगी।
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चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। केंद्र सरकार ने चुनावी बॉन्ड स्कीम को नीतिगत फैसला बताते हुए कहा है कि इसमें कुछ गलत नहीं है। इस कदम को काले धन पर अंकुश लगाने वाला और पारदर्शिता को बेहतर करने वाला बताया। सरकार की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट से यह भी मांग की कि इस स्कीम पर लोकसभा चुनाव के बाद परीक्षण किया जाना चाहिए।
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उल्लेखनीय है कि याचिकाकर्ता संगठन एडीआर ने चुनावी बॉन्ड की वैधता को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ता संगठन का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए यह जानना जरूरी है कि इसके जरिये राजनीतिक दलों को चंदा कौन दे रहा है। संगठन के वकील का कहना था कि इनमें से ज्यादातर चंदे सत्तारूढ़ दल के पक्ष में गया है।
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