सरकार ने खरीदीं हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन दवा की 11.45 करोड़ टैबलेट
- स्वास्थ्यकर्मियों और अन्य जरूरतमंदों के लिए होंगी हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन की गोलियां
- 4.3 करोड़ टैबलेट राज्यों को वितरित 10.44 करोड़ टैबलेट है अभी राज्यों के पास
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मलेरिया की हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन की 11.45 करोड़ टैबलेट का ऑर्डर दो कंपनियों को दिया है। सरकार ये दवा सीधे सरकारी कंपनी हिंदुस्तान लैटेक्स लिमिटेड लाइफकेयर (एचएलएल) से लेगी। दवा कोरोना से सीधी जंग लड़ रहे डॉक्टराें समेत स्वास्थ्यकर्मियों और अन्य जरूरतमंद लोगों के लिए है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक, सरकार ने आईपीसीए लैबोरेटरीज और जायडस कैडिला को 11.45 करोड़ टैबलेट का ऑर्डर दिया है। इनमें से 6.64 करोड़ टैबलेट मिल चुकी हैं और बाकी 16 मई तक मिलने की संभावना है। इनमें से 4.3 करोड़ टैबलेट राज्यों को दी जा चुकी है बाकी टैबलेट केंद्रीय बफर स्टॉक में रखी गई हैं। राज्यों के पास अभी 10.44 करोड़ टैबलेट उपलब्ध हैं।
87 देशों तक पहुंचाई 30 लाख टैबलेट
इसके अलावा 87 देशों को करीब 30 लाख टैबलेट निर्यात की गई हैं। शुक्रवार को केंद्र सरकार ने बताया कि अप्रैल में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन की 30 करोड़ टैबलेट का उत्पादन हुआ है। इससे पहले ये उत्पादन 12.33 करोड़ था। कुल 16 करोड़ टैबलेट बाजार में जा चुकी है।
चुनिंदा लोगों के लिए ये दवा
सरकारी निर्देश के अनुसार कोरोना के इलाज में लगा स्टाफ, जिनमें लक्षण नहीं हैं, संदिग्ध मरीज, मरीजों के परिवार, आईसीयू में भर्ती कोरोना के रोगी जिसकी हालत गंभीर है, उन्हें ये दवा दी जाएगी। दवा के दुष्प्रभाव की निगरानी भी होगी। 12 साल से कम उम्र के बच्चों को ये दवा नहीं दी जा सकती। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने इसका प्रयोग सिर्फ आापात स्थिति में करने का निर्देश दिया है।