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वेस्ट एशिया संकट पर सरकार सतर्क: PM मोदी ने सीसीएस कमेटी के साथ की हाई लेवल बैठक; किन-किन फैसलों पर लगी मुहर?

Thu, 30 Jul 2026 08:29 PM IST
प्रशांत तिवारी आईएएनएस, नई दिल्ली
आईएएनएस, नई दिल्ली Published by: प्रशांत तिवारी Updated Thu, 30 Jul 2026 08:29 PM IST
सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेस्ट एशिया में जारी संघर्ष के बीच कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी  की बैठक में भारतीय नागरिकों, विदेशों में रह रहे भारतीयों और भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में ऊर्जा, एलएनजी, एलपीजी, उर्वरक आपूर्ति, रबी सीजन की तैयारियों और ऊर्जा आत्मनिर्भरता पर विस्तार से चर्चा हुई। 

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Government alert on West Asia crisis PM Modi holds high-level meeting with CCS what decisions were finalized
पीएम मोदी - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए वेस्ट एशिया में जारी संघर्ष के भारत पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि देश के नागरिकों और विदेशों में रह रहे भारतीयों के हितों की रक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएं। साथ ही ऊर्जा और उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने तथा भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जाएं।

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CCS की बैठक बुलाने की क्या थी वजह?
बैठक के बाद जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी की बैठक वेस्ट एशिया में जारी संघर्ष के प्रभावों की समीक्षा करने के लिए बुलाई गई थी। इसमें ऊर्जा और उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न मंत्रालयों और विभागों द्वारा उठाए गए कदमों का आकलन किया गया। साथ ही भारतीय नाविकों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
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रबी सीजन के लिए उर्वरक को लेकर क्या तैयारी की गई?
बैठक के दौरान आगामी रबी सीजन के लिए उर्वरकों की संभावित आवश्यकता का आकलन किया गया। इसके अलावा उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित होने की स्थिति में वैकल्पिक स्रोतों पर भी विचार-विमर्श हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो और उर्वरकों की आपूर्ति बिना किसी बाधा के जारी रहे। इसके लिए सभी आवश्यक कदम समय रहते उठाए जाएं।
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भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए क्या निर्देश दिए गए?
संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में भारतीय और विदेशी ध्वज वाले जहाजों पर कार्यरत भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भी बैठक में गंभीरता से चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि नाविकों और उनके परिवारों को समय-समय पर सही जानकारी उपलब्ध कराने, आपातकालीन सहायता प्रदान करने तथा जरूरत पड़ने पर काउंसलिंग की व्यवस्था के लिए एक प्रभावी तंत्र विकसित किया जाए। यह समीक्षा मिडिल ईस्ट क्षेत्र में व्यावसायिक जहाजों पर बढ़ते हमलों के मद्देनज़र की गई।

ऊर्जा आत्मनिर्भरता पर प्रधानमंत्री ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने सौर ऊर्जा समेत अन्य गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया, ताकि भविष्य में बाहरी संकटों का असर देश पर कम से कम पड़े।

संकट से निपटने के लिए सरकार की क्या रणनीति होगी?
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस तरह की वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए सरकार के सभी मंत्रालयों और विभागों को समन्वित तरीके से कार्य करना होगा। उन्होंने निर्देश दिया कि भारतीय नागरिकों के हितों की सुरक्षा के लिए आवश्यक निर्णय तेजी से लागू किए जाएं तथा सभी घटनाक्रमों की नियमित निगरानी के लिए एकीकृत और प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए।

कैबिनेट सचिव ने क्या जानकारी दी?
कैबिनेट सचिव ने बैठक में मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि एलएनजी, एलपीजी, उर्वरकों और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि एलपीजी आयात के स्रोतों में पहले ही विविधता लाई जा चुकी है और देश में प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादों का भंडार तथा आपूर्ति की स्थिति फिलहाल संतोषजनक बनी हुई है।

पेट्रोलियम उत्पादन और गैस नेटवर्क को लेकर क्या स्थिति है?
उन्होंने बताया कि कच्चे तेल की पर्याप्त उपलब्धता के कारण केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र की रिफाइनरियां अपनी स्थापित क्षमता से भी अधिक उत्पादन कर रही हैं। इससे पेट्रोल, डीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों का उत्पादन लगातार जारी है। साथ ही पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शनों के विस्तार के लिए भी तेजी से काम किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप देश में PNG उपभोक्ताओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।


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LNG और गैस इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर सरकार क्या कर रही है?
कैबिनेट सचिव ने बताया कि सरकार राष्ट्रीय गैस ग्रिड के विस्तार, एलएनजी आयात क्षमता और री-गैसीफिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का विस्तार करने तथा 'पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर ऑर्डर, 2026' के तहत निर्धारित समयसीमा में पाइपलाइन और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को मंजूरी देने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इन प्रयासों से उद्योगों में एलपीजी के विकल्पों को अपनाने में भी मदद मिलेगी।

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