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INS: अखबारी कागज से पांच फीसदी सीमा शुल्क खत्म करे सरकार, आईएनएस का केंद्र सरकार से आग्रह
Wed, 06 Mar 2024 07:06 AM IST
यशोधन शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Wed, 06 Mar 2024 07:06 AM IST
सार
मध्य पूर्व और रूस-यूक्रेन संघर्ष ने वैश्विक आपूर्ति शृंखला पर गंभीर असर डाला है और इससे अखबारी कागज की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। ऐसे में सरकार को तत्काल अखबारी कागज पर लगने वाले पांच फीसदी सीमा शुल्क पर पुनर्विचार करना चाहिए।
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इंडियन न्यूजपेपर सोसायटी
- फोटो : आईएनएस
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विस्तार
भारतीय न्यूजपेपर सोसायटी (आईएनएस) ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि अखबारी कागज पर लगने वाले पांच फीसदी सीमा शुल्क को खत्म किया जाए, ताकि प्रकाशक अपने संचालन लागत को ज्यादा प्रभावी तरीके से मैनेज कर सकें।
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भारतीय अखबारों और पत्रिकाओं के संगठन आईएनएस के अध्यक्ष राकेश शर्मा ने कहा, अखबारी कागज की उपलब्धता और मूल्य पर कई कारक मिलकर प्रभाव डालते हैं। भूराजनीतिक अस्थिरता, आपूर्ति, रुपये का अवमूल्यन और सीमा शुल्क मिलकर देश के प्रकाशकों पर गंभीर बोझ डाल रहे हैं।
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मध्य पूर्व और रूस-यूक्रेन संघर्ष ने वैश्विक आपूर्ति शृंखला पर गंभीर असर डाला है और इससे अखबारी कागज की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। ऐसे में सरकार को तत्काल अखबारी कागज पर लगने वाले पांच फीसदी सीमा शुल्क पर पुनर्विचार करना चाहिए।
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शर्मा ने कहा, यदि यह शुल्क वापस लिया जाता है तो इससे देश के मुद्रण उद्योग को राहत मिलेगी जो लंबे समय से प्रतीक्षित है। इससे प्रकाशकों को संचालन लागत का प्रबंधन करने में आसानी होने के साथ जनता तक विश्वसनीय खबरों का नियमित रूप से प्रसार सुनिश्चित हो सकेगा।
लाल सागर में परिवहन जहाजों को लगातार निशाना बनाए जाने से स्थिति और खराब हुई है। इससे जरूरी सामान के साथ अखबारी कागज की आपूर्ति पर भी असर पड़ा है। अखबारी कागज के आपूर्तिकर्ता प्रकाशकों के पहले के आदेशों को भी कैंसिल कर रहे हैं।