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गूगल डूडल स्पेशल: अगर हबर्ट सेसिल बूथ ना होते तो वैक्यूम क्लीनर भी नहीं होता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 04 Jul 2018 01:53 PM IST
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बुधवार का गूगल डूडल दिखने में काफी अलग लग रहा है। जिसमें एक तरफ कोई कचरा साफ करता हुआ दिख रहा है। आज घर, ऑफिस, होटल, मॉल सभी जगहों पर हम वैक्यूम क्लीनर से सफाई होते हुए देखते हैं। सफाई करने का ये तरीका बेहद ही आसान है। इससे ज्यादा थकावट भी नहीं होती। वैक्यूम क्लीनर के फायदे तो हर कोई जानता है लेकिन बहुत ही कम लोग ऐसे हैं जो इसे बनाने वाले को जानते हैं। आज हम आपको उन्हीं के बारे में बता रहे हैं।
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ये आविष्कार ब्रिटिश इंजीनियर हबर्ट सेसिल बूथ ने किया था। जिनका आज जन्मदिवस है और गूगल ने डूडल बनाकर उन्हें याद किया है। हबर्ट सेसिल बूथ ऐसे पहले व्यक्ति थे जिन्होंने पावर्ड वैक्यूम क्लीनर की खोज की थी। उनके द्वारा की गई इस खोज से पहले वैक्यूम क्लीनर केवल मिट्टी को सोखते थे। उनमें प्रेशर नहीं हुआ करता था। आज हबर्ट की 147वीं जयंती है।
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आज गूगल डूडल एक एनिमेटेड डूडल है। इसके दो भाग दिखाई दे रहे हैं। एक तरफ तो एक शख्स फर्श पर पड़ा कचरा साफ कर रहा है। वहीं दूसरी तरफ एक घोड़ा गाड़ी खड़ी है। इस डूडल पर क्लिक करते ही इनसे जुड़ी कहानियों का पेज ओपन हो जाता है। हाबर्ट का जन्म आज ही के दिन यानि 4 जुलाई को 1871 को इंग्लैंड के ग्लॉसेस्टर में हुआ था। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा ग्लॉसेस्टर कंट्री स्कूल से प्राप्त की।
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हाबर्ड ने 18 साल की उम्र में सेंट्रल टेक्निकल कॉलेज की प्रवेश परीक्षा पास की। आज के समय में यह कॉलेज सिटी एंड गिल्ड्स इंजिनियरिंग कॉलेज के नाम से जाना जाता है। पढ़ाई खत्म होने के बाद उन्होंने मॉडल्से नाम की कंपनी में नौकरी शुरू की। जिसके बाद वह ब्रिटिश वैक्यूम क्लीनर एंड इंजिनियरिंग कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर भी बने। उन्होंने 1884 से 1898 में लंदन अम्युजमेंट पार्क के फेरी वील्स को डिजाइन किया था।
इसके बाद हाबर्ड ने बेल्जियम में स्टील फैक्ट्री का पूरा डिजाइन बनाया। उन्होंने 1903 से 1940 तक लगातार इंजिनियरिंग का काम किया। इस अंतराल में उन्होंने स्टील रेलवे ब्रिज, फैक्ट्री और कई निर्माण कार्यों भी डिजाइन बनाए। हाबर्ड की मृत्यु 14 जनवरी 1955 को इंग्लैंड के क्रॉयडॉन में हुई। लेकिन दुनिया में उनके योग्दान से वह हमेशा लोगों द्वारा याद किए जाएंगे।