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DoPT: केंद्रीय कर्मियों के लिए खुशखबरी, अब दो वर्ष तक एलटीसी पर करें कश्मीर-लद्दाख, पूर्वोत्तर व अंडमान की सैर

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Thu, 19 Sep 2024 11:55 AM IST
सार

डीओपीटी के मुताबिक, ऐसे सरकारी कर्मचारी, जिनका होम टाउन और मुख्यालय/तैनाती स्थल समान है, उन्हें यह सुविधा नहीं मिलेगी। मतलब, वे अपने होम टाउन एनटीसी का कन्वर्जन नहीं करा सकेंगे। वे सरकारी कर्मचारी, जिनका होम टाउन, पूर्वोत्तर, लद्दाख, जम्मू कश्मीर और अंडमान निकोबार में है, उन्हें होम टाउन एनटीसी के कन्वर्जन की सुविधा मिलेगी।

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Good news for central govt employees you can travel to Kashmir Ladakh Northeast Andaman on LTC for 2 years
केंद्रीय कर्मी - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने सरकारी कर्मचारियों को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पूर्वोत्तर क्षेत्र और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह की यात्रा करने के लिए अवकाश यात्रा रियायत (एलटीसी) सुविधा को दो वर्षों के लिए बढ़ा दिया गया है। यह छूट 25 सितंबर 2024 को खत्म हो रही थी। अब इसे 25 सितंबर 2026 तक बढ़ाया गया है। 

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केंद्र सरकार के पात्र अधिकारी व कर्मचारी अपने गृह नगर के लिए मिलने वाली एलटीसी के बदले में जम्मू एवं कश्मीर, पूर्वोत्तर क्षेत्र, लद्दाख और अंडमान एवं निकोबार की यात्रा कर सकते हैं। केंद्र सरकार के पात्र कर्मचारियों को अपने गृह नगर जाने के बदले में जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर, लद्दाख, और अंडमान निकोबार जाने के लिए एलटीसी का फायदा मिलेगा। 
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इसके अलावा गैर पात्र सरकारी कर्मचारियों को भी यह हवाई यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। वे अपने मुख्यालय से इकोनॉमी क्लास में जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर, लद्दाख, और अंडमान निकोबार की हवाई यात्रा कर सकते हैं। 
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डीओपीटी के मुताबिक, ऐसे सरकारी कर्मचारी, जिनका होम टाउन और मुख्यालय/तैनाती स्थल समान है, उन्हें यह सुविधा नहीं मिलेगी। मतलब, वे अपने होम टाउन एनटीसी का कन्वर्जन नहीं करा सकेंगे। वे सरकारी कर्मचारी, जिनका होम टाउन, पूर्वोत्तर, लद्दाख, जम्मू कश्मीर और अंडमान निकोबार में है, उन्हें होम टाउन एनटीसी के कन्वर्जन की सुविधा मिलेगी। उन्हें अपने होम टाउन को छोड़कर बाकी तीन क्षेत्रों में एलटीसी यात्रा की अनुमति रहेगी। नए भर्ती हुए कर्मचारी चार साल के ब्लॉक पीरियड में तीन होम टाउन एलटीसी में से एक होम टाउन एलटीसी का कन्वर्जन करा सकते हैं। इसके अलावा उन्हें एक अतिरिक्त होम टाउन कन्वर्जन एलटीसी का अवसर मिलेगा। चार साल के ब्लॉक पीरियड में वे जम्मू कश्मीर और लद्दाख की यात्रा कर सकते हैं। 

डीओपीटी के एक अधिकारी के मुताबिक, केंद्रीय सिविल सेवा (एलटीसी) नियम 1988 में छूट देते हुए, सरकारी कर्मचारियों को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर, केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख, पूर्वोत्तर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की यात्रा करने के लिए हवाई यात्रा की अनुमति दी गई है। सरकारी कर्मचारियों के लिए ये एक बहुत बड़ी और विशेष सुविधा है। सभी पात्र सरकारी कर्मचारी चार साल के ब्लॉक में अपने एक गृह नगर एलटीसी के रूपांतरण के बदले जम्मू और कश्मीर या उत्तर पूर्व या इनमें से किसी भी क्षेत्र में जाने के लिए एलटीसी का लाभ उठा सकते हैं। हालांकि, जिन सरकारी कर्मचारियों का गृह नगर और पोस्टिंग का स्थान एक ही है, उन्हें इस रूपांतरण की अनुमति नहीं है। ऐसे सरकारी कर्मचारी जो अन्यथा हवाई यात्रा करने के हकदार नहीं हैं, उन्हें भी इस योजना के मानदंडों के तहत किसी भी एयरलाइन द्वारा इकोनॉमी क्लास में हवाई यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी, बशर्ते कि एलटीसी-80 योजना की अधिकतम किराया सीमा हो। 

सभी मंत्रालयों और विभागों को यह सलाह दी गई कि वे कर्मचारी की यात्रा की वास्तविक लागत और उनके द्वारा दावा की गई लागत के बीच विसंगतियों की जांच के लिए हवाई टिकटों का यादृच्छिक सत्यापन करें। एलटीसी योजना के किसी भी दुरुपयोग पर सरकारी नियमों के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी। इसमें वित्तीय दंड या अनुशासनात्मक कार्रवाई शामिल हो सकती है।

कर्मचारियों द्वारा जमा कराई गई हवाई टिकटों की जांच की जाए। संबंधित एयरलाइन से पता किया जाए कि उस कर्मचारी ने एलटीसी यात्रा की है या नहीं। बता दें कि 2021 में केंद्र सरकार के कार्मिकों को मिलने वाली 'एलटीसी' स्कीम में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया था। विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में पिछले दस साल के दौरान अनेक ऐसे कर्मी रहे थे, जिन्होंने धोखे से हवाई यात्रा के एलटीसी बिल पास करा लिए।


वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग और नियंत्रक और महालेखा परीक्षक की ओर से जारी आदेशों में कहा गया था कि सभी विभागों में बिना किसी देरी के आंतरिक लेखा परीक्षा शुरु कर दी जाए। इसमें यह पता लगाएं कि किस कर्मी ने हवाई यात्रा के फर्जी बिल लगाकर एलटीसी की राशि क्लेम की है। किस कर्मी ने अनाधिकृत एजेंसी से टिकट खरीदा है, ऐसे कितने कर्मी हैं जिन्होंने तय एयरलाइंस के अलावा किसी प्राइवेट एयरलाइंस में सफर किया है। सरकारी कर्मियों द्वारा जमा कराई गई टिकटों का मिलान एजेंसी के कार्यालय में जाकर करना होगा। सभी मंत्रालयों और विभागों को कर्मियों के एलटीसी दस्तावेजों की जांच पड़ताल कर 30 सितंबर तक रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया था।

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