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गोवा: सीएम सावंत बोले- अंग्रेजी के अलावा कोंकणी भाषा में भी हो अदालती कार्यवाही, बॉम्बे हाई कोर्ट को लिखेंगे पत्र
Fri, 15 Apr 2022 07:42 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Fri, 15 Apr 2022 07:42 PM IST
सार
गोवा के मुख्यमंत्री ने कहा कि गोवा में बाम्बे हाईकोर्ट की शाखा केवल अंग्रेजी में काम करती है, जबकि यह अंग्रेजी और कोंकणी दोनों में होनी चाहिए। जब हम न्याय के लिए न्यायपालिका में जाते हैं, तो यह सुनिश्चित करने का हमारा प्रयास होगा कि यह अंग्रेजी के साथ कोंकणी में भी काम किया जाए। कोंकणी राज्य की राजभाषा है।
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प्रमोद सावंत।
- फोटो : ANI
विस्तार
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने शुक्रवार को अपने संबोधन के दौरान बड़ी बात कही। वे 8वें अंतर्राष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि गोवा सरकार बाम्बे हाईकोर्ट को पत्र लिखेगी और अंग्रेजी के अलावा कोंकणी भाषा को अदालती कार्यवाही के लिए आधिकारिक भाषा के रूप में सूचीबद्ध करने की मांग करेगी। उन्होंने कहा कि हिंदी को बढ़ावा देने से भारत अपनी विविधता में और अधिक एकजुट होगा। इसके साथ ही इससे देश को अखंड भारत के रूप में उभरने में भी मदद मिलेगी।
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गोवा के मुख्यमंत्री ने कहा कि गोवा में बाम्बे हाईकोर्ट की शाखा केवल अंग्रेजी में काम करती है, जबकि यह अंग्रेजी और कोंकणी दोनों में होनी चाहिए। जब हम न्याय के लिए न्यायपालिका में जाते हैं, तो यह सुनिश्चित करने का हमारा प्रयास होगा कि यह अंग्रेजी के साथ कोंकणी में भी काम किया जाए। कोंकणी राज्य की राजभाषा है।
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सीएम सावंत ने पणजी में अपने संबोधन में हिंदी भाषा को महत्व देने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि हिंदी को बढ़ावा देने से न केवल भारत अपनी विविधता में और अधिक एकजुट होगा, बल्कि देश को अखंड भारत के रूप में उभरने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि गोवा एक बहुभाषी राज्य है, जहां विभिन्न कार्यों के लिए अलग-अलग भाषाओं का उपयोग किया जाता है।
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उन्होंने कहा कि गोवा चार भाषाओं के लिए जाना जाता है। हम कोंकणी में बोलते हैं, हम मराठी समाचार पत्र पढ़ना पसंद करते हैं, हम हिंदी में फिल्में देखना पसंद करते हैं और लिखते समय हम अंग्रेजी का उपयोग करना पसंद करते हैं। यह एक ऐसा राज्य है जो हमेशा चार भाषाओं के लिए जाना जाता है।