मुख्यमंत्री परिकर के देहांत पर आज राष्ट्रीय शोक, शाम पांच बजे होगा अंतिम संस्कार
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सोमवार को होगी केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक
गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के निधन पर शोक जताने के लिए सोमवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक होगी। मंत्रिमंडल की विशेष बैठक सुबह 10 बजे होगी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पर्रिकर की याद में दो मिनट का मौन रखा जाएगा और जन प्रतिनिधि के रूप में उनके योगदान की प्रशंसा में एक प्रस्ताव भी पारित किया जाएगा।इससे पहले गोवा में चल रहे सियासी संकट के बीच रविवार देर शाम मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्वीट के जरिए परिकर की हालत बेहद नाजुक होने की पुष्टि की थी। इसी दौरान मुख्यमंत्री के निजी आवास पर भारी पुलिस बल भी तैनात कर दिए जाने के बाद उनके रिश्तेदार, बहुत सारे वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और राजनीतिक नेताओं के वहां पहुंचने से किसी अप्रिय समाचार के सामने आने की अटकलें लगाई जाने लगी थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परिकर के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि वह अद्वितीय नेता, सच्चे देशभक्त और असाधारण प्रशासक थे।
शनिवार को भी उनकी हालत नाजुक होने की सूचना सामने आई थी, लेकिन तब मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से कहा गया था कि उनका स्वास्थ्य स्थिर बना हुआ है। बाद में उनसे मिलने पहुंचे राज्य सरकार में भाजपा के सहयोगी 6 विधायकों के दल में मौजूद गोवा फॉरवर्ड पार्टी के अध्यक्ष विजय सरदेसाई ने भी मुलाकात के बाद कहा था कि मुख्यमंत्री हालत बेहद खराब है। इसके बाद शनिवार शाम को राज्य भाजपा कोर कमेटी ने अपने सभी विधायकों के कुछ दिन तक गोवा से बाहर जाने पर रोक लगा दी थी। मणिपुर की राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत कई बड़ी हस्तियों ने ट्वीट के जरिए परिकर के निधन पर दुख जताया है।
लंबे समय से थे बीमार
बता दें कि पिछले एक साल से बीमार परिकर पिछले साल इलाज के लिए अमेरिका भी गए थे। लेकिन वहां से वापस लौटने पर भी स्थिति नहीं सुधरने के बाद उन्हें लंबे समय के लिए एम्स दिल्ली में भर्ती कराया गया था। बाद में वह एम्स से गोवा लौटकर अपने निजी आवास पर शिफ्ट हो गए थे। पिछले महीने भी परिकर का गोवा मेडिकल कॉलेज (जीएमसीएच) में एक ऑपरेशन किया गया था, लेकिन उनकी हालत लगातार बिगड़ रही थी। यहां तक कि उन्होंने राज्य का बजट भी नाक में नली लगाकर पेश किया था।ऐसा रहा राजनीतिक सफर
गोवा के वर्तमान मुख्यमंत्री मनोहर परिकर भारत के रक्षा मंत्री भी रह चुके हैं। परिकर का जन्म 13 दिसंबर 1955 को गोवा के मापुसा में हुआ था। वह भारत के किसी भी राज्य के पहले ऐसे मुख्यमंत्री थे जो आईआईटी से स्नातक थे। 1978 में उन्होंने आईआईटी मुंबई से स्नातक किया था। साल 2001 में आईआईटी मुंबई ने उन्हें विशिष्ट भूतपूर्व छात्र की उपाधि भी दी थी। भारतीय जनता पार्टी से गोवा के मुख्यमंत्री बनने वाले वह पहले नेता थे। 13 मार्च 2017 को परिकर ने चौथी बार गोवा के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।
जून 1999 से नवंबर 1999 तक वह विरोधी पार्टी के नेता रहे। 24 अक्तूबर 2000 को वह गोवा के मुख्यमंत्री बने, लेकिन उनकी सरकार फरवरी 2002 तक ही चल पाई। जून 2002 में वह फिर सभा के सदस्य बने और पांच जून 2002 को फिर गोवा के मुख्यमंत्री के लिए चयनित हुए। भाजपा को गोवा की सत्ता में लाने का श्रेय परिकर को ही जाता है।
गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर परिकर लंबे वक्त से बीमार चल रहे थे। पैनक्रियाटिक कैंसर से पीड़ित परिकर को 31 जनवरी को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया था। हाल ही में बीमार परिकर ने तीन मार्च को गोवा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (जीएमसीएच) में जांच कराई थी। फरवरी में परिकर का जीएमसीएच में एक ऑपरेशन भी हुआ था।
शनिवार को हुई थी भाजपा कोर कमेटी की बैठक
गोवा में राजनीतिक संकट के बीच शनिवार को भाजपा विधायकों और पार्टी कोर कमेटी के सदस्यों ने आपस में मुलाकात की थी। इस मुलाकात में मुख्यमंत्री मनोहर परिकर के खराब स्वास्थ्य के कारण पैदा हुई राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा की गई थी। इससे पहले पैनक्रिएटिक कैंसर से जूझ रहे परिकर का स्वास्थ्य शनिवार की सुबह बेहद खराब हो गया था, जिसके चलते इस तटीय राज्य की राजनीतिक गतिवधियों में गहमागहमी पैदा हो गई थी। हालांकि भाजपा नेतृत्व वाली गोवा सरकार में सहयोगी छह विधायकों ने गोवा फारवर्ड पार्टी के अध्यक्ष विजय देसाई के नेतृत्व में परिकर से मुलाकात करते हुए उन्हें समर्थन जारी रखने का आश्वासन दिया था।