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गोवा: 61 में से 18 कैदी पैरोल की अवधि खत्म होने से पहले जेल लौटे, बताई यह वजह
Sat, 26 Feb 2022 10:48 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sat, 26 Feb 2022 10:48 PM IST
सार
जेल के एक अधिकारी ने कहा कि मई 2021 में जब कोरोना ने एक बार फिर कहर बरपाना शुरू किया था, तब उत्तरी गोवा के कोलवाले में स्थित राज्य की एकमात्र केंद्रीय जेल में आधे से अधिक दोषियों को भीड़भाड़ से बचने के लिए पैरोल पर रिहा कर दिया गया था।
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सांकेतिक फोटो।
- फोटो : Pixabay
विस्तार
कोरोना के मद्देनजर भीड़ को कम करने के लिए पिछले साल मई में गोवा की जेल से 61 दोषियों को पैरोल पर रिहा किया गया था। इसमें से 18 दोषी समय से पहले खुद ही लौट आए हैं, जबकि 43 अन्य अब भी पैरोल पर हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जेल में लौटे कैदियों ने सामाजिक दबाव और आर्थिक तंगी समेत कई कारणों की वजह से ऐसा किया है।
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जेल के एक अधिकारी ने कहा कि मई 2021 में जब कोरोना ने एक बार फिर कहर बरपाना शुरू किया था, तब उत्तरी गोवा के कोलवाले में स्थित राज्य की एकमात्र केंद्रीय जेल में आधे से अधिक दोषियों को भीड़भाड़ से बचने के लिए पैरोल पर रिहा कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि कुल 110 में से 61 दोषियों को जेल में उनके आचरण के आधार पर पैरोल दी गई थी। उनमें से अब तक 18 पैरोल की अवधि पूरी होने से पहले ही जेल लौट आए हैं।
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अधिकारी ने बताया कि शेष कैदी अब भी पैरोल पर हैं। उन्होंने कहा कि दोषियों को दी गई पैरोल की अवधि कई बार बढ़ाई जा चुकी है। एक समिति जल्द ही पैरोल पर फैसला करने के लिए एक बैठक करेगी। इसे अधिकतम और एक महीने के लिए बढ़ाया जा सकता है। एक बार यह समयसीमा समाप्त हो जाने के बाद दोषियों को जेल लौटना होगा।
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उन्होंने कहा कि विचाराधीन कैदियों को आजादी नहीं दी गई थी, हालांकि कई मामलों में अदालत ने उन्हें अंतरिम जमानत दे दी थी और आदेश के आधार पर उन्हें एक या दो महीने के लिए जेल से बाहर रहने की अनुमति दी गई थी। जेल प्रबंधन ने कोरोना पाबंदियों के कारण कैदियों के रिश्तेदारों को सप्ताह में दो बार उनसे मिलने की अनुमति देने की प्रथा को रोक दिया है।