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वैश्विक ऊर्जा संकट: 40 देशों में ईंधन राशनिंग और वर्क फ्रॉम होम लागू, पीएम मोदी ने भी की बचत की अपील
Wed, 13 May 2026 06:35 AM IST
राकेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो/ नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो/ नई दिल्ली
Published by: राकेश कुमार
Updated Wed, 13 May 2026 06:35 AM IST
सार
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण दुनिया भर में ऊर्जा संकट गहरा गया है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी आईईए के अनुसार, लगभग 40 देशों ने ईंधन बचाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। इनमें ईंधन की राशनिंग, सरकारी यात्राओं पर पाबंदी, वर्क फ्रॉम होम और सम-विषम वाहन प्रणाली जैसे उपाय शामिल हैं। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भारतीयों से ऊर्जा बचाने की अपील की है, जिसका उद्देश्य देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है।
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पश्चिम एशिया में तनाव से दुनियाभर में खड़ा हुआ ऊर्जा संकट।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अमेरिका-ईरान और इस्राइल युद्ध के चलते ऊर्जा संसाधनों में कमी और बढ़ती कीमतों से निपटने के लिए कम से कम 40 देशों ने कड़ी नीतियां लागू की हैं। इनमें ईंधन राशनिंग यानी ईंधन का संयम से इस्तेमाल, वाहनों की आवाजाही घटाने, सरकारी यात्राएं सीमित करने, वर्क फ्रॉम होम जैसे उपाय लागू किए हैं।
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईएई) के इमरजेंसी एनर्जी कंजर्वेशन (आपातकालीन ऊर्जा संरक्षण) ट्रैकर के अनुसार, यूरोपीय आयोग समेत इन देशों ने ऊर्जा संकट से निपटने के लिए निजी और सरकारी वाहनों का उपयोग सीमित करने, एक दिन छोड़कर गाड़ी चलाना, सार्वजनिक परिवहन और कारपूलिंग को बढ़ावा दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का मुख्य उद्देश्य भी स्वैच्छिक संयम से बड़े संकट को टालना है। नागरिकों से यात्राएं घटाने या ऊर्जा बचाने को कहने का मतलब सिर्फ आर्थिक बचत करना नहीं है, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना भी है। पीएम की अपील भी इन वैश्विक उपायों के परिप्रेक्ष्य में ही दिख रहा है।
घर से काम को बढ़ावा: कई देशों ने सरकारी कर्मचारियों के लिए घर से काम करने को प्रोत्साहित या अनिवार्य किया है। निजी क्षेत्र में भी आवागमन कम करने को बढ़ावा दे रहे हैं। पाकिस्तान (4 दिन का कार्य सप्ताह और 50% घर से काम), इंडोनेशिया (शुक्रवार को घर से काम), श्रीलंका (बुधवार को कार्यालय बंद), कोरिया (लचीली व्यवस्थाएं)। कंबोडिया, लाओ पीडीआर, मलयेशिया, फिलीपीन, थाईलैंड, वियतनाम, पेरू, मिस्र भी ऐसे उपाय अपना रहे हैं।
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कूलिंग और एसी पर तापमान सीमित: बिजली बचाने के लिए कार्यालयों और सार्वजनिक भवनों में तापमान सीमाएं निर्धारित करना। बांग्लादेश व सिंगापुर (25 डिग्री से, पंखों को प्राथमिकता), कंबोडिया (24-25 डिग्री से.), मलेशिया (24 डिग्री से.), श्रीलंका व थाईलैंड (26 डिग्री से), जॉर्डन (सार्वजनिक कार्यालयों में एसी पर प्रतिबंध)।
सरकारी यात्रा प्रतिबंधित : आधिकारिक हवाई व सड़क यात्रा और अंतरराष्ट्रीय यात्राएं सीमित की गईं। जॉर्डन (अस्थायी प्रतिबंध), पाकिस्तान (विदेश यात्रा पर प्रतिबंध), मिस्र, इंडोनेशिया, मलेशिया, कोरिया (सार्वजनिक क्षेत्र के लिए विषम-सम प्रणाली), पनामा, तंजानिया (सामूहिक बस यात्रा)।
ऑनलाइन कक्षाएं : बंद किए गए या सप्ताह छोटा किया गया, या ऑनलाइन कक्षाएं। बांग्लादेश (विवि बंद), श्रीलंका (बुधवार को छुट्टी), लाओ पीडीआर (कार्य सप्ताह तीन दिन का), पाकिस्तान (पूरी तरह ऑनलाइन)।
ऊर्जा आपातकाल : मेडागास्कर (15 दिन), मार्शल द्वीप समूह (90 दिन), तुवालू (एक द्वीप पर 2 सप्ताह), फिलीपींस और श्रीलंका में राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल।
परिवहन और ईंधन संबंधी उपाय : कोरिया (विषम-सम ड्राइविंग), श्रीलंका (क्यूआर कोड राशनिंग), म्यांमार (वैकल्पिक दिवस+इलेक्ट्रिक वाहन एक्सचेंज), बांग्लादेश (ईंधन सीमा तय), पाकिस्तान (मुफ्त सार्वजनिक परिवहन, गति सीमा तय), इंडोनेशिया (बायोडीजल+इलेक्ट्रिक वाहन प्रोत्साहन)।
13 देशों ने वर्क फ्रॉम होम सार्वजनिक क्षेत्र में दूरस्थ कार्य व्यवस्था को बढ़ावा दिया
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण दुनिया भर में ऊर्जा संकट गहरा गया है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी आईईए के अनुसार, लगभग 40 देशों ने ईंधन बचाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। इनमें ईंधन की राशनिंग, सरकारी यात्राओं पर पाबंदी, वर्क फ्रॉम होम और सम-विषम वाहन प्रणाली जैसे उपाय शामिल हैं। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भारतीयों से ऊर्जा बचाने की अपील की है, जिसका उद्देश्य देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है।
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अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईएई) के इमरजेंसी एनर्जी कंजर्वेशन (आपातकालीन ऊर्जा संरक्षण) ट्रैकर के अनुसार, यूरोपीय आयोग समेत इन देशों ने ऊर्जा संकट से निपटने के लिए निजी और सरकारी वाहनों का उपयोग सीमित करने, एक दिन छोड़कर गाड़ी चलाना, सार्वजनिक परिवहन और कारपूलिंग को बढ़ावा दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का मुख्य उद्देश्य भी स्वैच्छिक संयम से बड़े संकट को टालना है। नागरिकों से यात्राएं घटाने या ऊर्जा बचाने को कहने का मतलब सिर्फ आर्थिक बचत करना नहीं है, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना भी है। पीएम की अपील भी इन वैश्विक उपायों के परिप्रेक्ष्य में ही दिख रहा है।
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- 3 देशों ने खाना पकाने के तेल/एलपीजी खपत कम करने के प्रत्यक्ष उपाय लागू किए।
- 18 देशों ने परिवहन सीमित करने, ईंधन राशनिंग, परिवहन/कार पूलिंग जैसे कदम उठाए।
- 35 से अधिक देशों ने कूलिंग लाइटिंग की सीमाएं तय कीं, सरकारी यात्राओं पर पाबंदी लगाई।
- पीएम नरेंद्र मोदी की भी ऊर्जा बचत की अपील का मुख्य उद्देश्य संयम से संकट को टालना ही है।
घर से काम को बढ़ावा: कई देशों ने सरकारी कर्मचारियों के लिए घर से काम करने को प्रोत्साहित या अनिवार्य किया है। निजी क्षेत्र में भी आवागमन कम करने को बढ़ावा दे रहे हैं। पाकिस्तान (4 दिन का कार्य सप्ताह और 50% घर से काम), इंडोनेशिया (शुक्रवार को घर से काम), श्रीलंका (बुधवार को कार्यालय बंद), कोरिया (लचीली व्यवस्थाएं)। कंबोडिया, लाओ पीडीआर, मलयेशिया, फिलीपीन, थाईलैंड, वियतनाम, पेरू, मिस्र भी ऐसे उपाय अपना रहे हैं।
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कूलिंग और एसी पर तापमान सीमित: बिजली बचाने के लिए कार्यालयों और सार्वजनिक भवनों में तापमान सीमाएं निर्धारित करना। बांग्लादेश व सिंगापुर (25 डिग्री से, पंखों को प्राथमिकता), कंबोडिया (24-25 डिग्री से.), मलेशिया (24 डिग्री से.), श्रीलंका व थाईलैंड (26 डिग्री से), जॉर्डन (सार्वजनिक कार्यालयों में एसी पर प्रतिबंध)।
सरकारी यात्रा प्रतिबंधित : आधिकारिक हवाई व सड़क यात्रा और अंतरराष्ट्रीय यात्राएं सीमित की गईं। जॉर्डन (अस्थायी प्रतिबंध), पाकिस्तान (विदेश यात्रा पर प्रतिबंध), मिस्र, इंडोनेशिया, मलेशिया, कोरिया (सार्वजनिक क्षेत्र के लिए विषम-सम प्रणाली), पनामा, तंजानिया (सामूहिक बस यात्रा)।
ऑनलाइन कक्षाएं : बंद किए गए या सप्ताह छोटा किया गया, या ऑनलाइन कक्षाएं। बांग्लादेश (विवि बंद), श्रीलंका (बुधवार को छुट्टी), लाओ पीडीआर (कार्य सप्ताह तीन दिन का), पाकिस्तान (पूरी तरह ऑनलाइन)।
ऊर्जा आपातकाल : मेडागास्कर (15 दिन), मार्शल द्वीप समूह (90 दिन), तुवालू (एक द्वीप पर 2 सप्ताह), फिलीपींस और श्रीलंका में राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल।
परिवहन और ईंधन संबंधी उपाय : कोरिया (विषम-सम ड्राइविंग), श्रीलंका (क्यूआर कोड राशनिंग), म्यांमार (वैकल्पिक दिवस+इलेक्ट्रिक वाहन एक्सचेंज), बांग्लादेश (ईंधन सीमा तय), पाकिस्तान (मुफ्त सार्वजनिक परिवहन, गति सीमा तय), इंडोनेशिया (बायोडीजल+इलेक्ट्रिक वाहन प्रोत्साहन)।
13 देशों ने वर्क फ्रॉम होम सार्वजनिक क्षेत्र में दूरस्थ कार्य व्यवस्था को बढ़ावा दिया
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण दुनिया भर में ऊर्जा संकट गहरा गया है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी आईईए के अनुसार, लगभग 40 देशों ने ईंधन बचाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। इनमें ईंधन की राशनिंग, सरकारी यात्राओं पर पाबंदी, वर्क फ्रॉम होम और सम-विषम वाहन प्रणाली जैसे उपाय शामिल हैं। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भारतीयों से ऊर्जा बचाने की अपील की है, जिसका उद्देश्य देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है।
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