{"_id":"61b9c93ea0bc8f1be5740400","slug":"give-7-day-notice-to-ips-rashmi-shukla-in-case-of-coercive-steps-in-phone-tapping-case-hc-to-maha-govt","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाई कोर्ट का महाराष्ट्र सरकार को निर्देश: कार्रवाई से पहले आईपीएस रश्मि शुक्ला को सात दिन का नोटिस दें","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
हाई कोर्ट का महाराष्ट्र सरकार को निर्देश: कार्रवाई से पहले आईपीएस रश्मि शुक्ला को सात दिन का नोटिस दें
Wed, 15 Dec 2021 04:23 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Amit Mandal
Updated Wed, 15 Dec 2021 04:23 PM IST
सार
रश्मि शुक्ला वर्तमान में एडीजीपी, सीआरपीएफ (दक्षिण क्षेत्र) के रूप में कार्यरत हैं और हैदराबाद में तैनात हैं। उन्होंने पिछले साल कथित फोन टैपिंग के समय महाराष्ट्र खुफिया विभाग का नेतृत्व किया था।
विज्ञापन
आईपीएस अधिकारी रश्मि शुक्ला
- फोटो : ANI
विस्तार
वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रश्मि शुक्ला मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को महाराष्ट्र सरकार को अहम निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि अगर सरकार आईपीएस रश्मि शुक्ला के खिलाफ कथित फोन टैपिंग और संवेदनशील दस्तावेजों के लीक मामले में कोई कठोर कदम उठाना चाहती है तो पहले उन्हें सात दिन का नोटिस दिया जाए। न्यायमूर्ति नितिन जामदार और न्यायमूर्ति सारंग कोतवाल की खंडपीठ ने रश्मि शुक्ला द्वारा दायर एक याचिका को भी खारिज कर दिया जिसमें मुंबई पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने और मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को स्थानांतरित करने की मांग की गई थी। हालांकि उनका नाम एफआईआर में नहीं है।
विज्ञापन
रश्मि शुक्ला वर्तमान में एडीजीपी, सीआरपीएफ (दक्षिण क्षेत्र) के रूप में कार्यरत हैं और हैदराबाद में तैनात हैं। उन्होंने पिछले साल कथित फोन टैपिंग के समय महाराष्ट्र खुफिया विभाग का नेतृत्व किया था। पीठ ने कहा कि प्राथमिकी रद्द करने और मामले को सीबीआई को स्थानांतरित करने की दोनों मांगों को खारिज किया जाता है। अगर राज्य सरकार याचिकाकर्ता (रश्मि शुक्ल) के खिलाफ कोई कठोर कदम उठाने का इरादा रखती है तो वह याचिकाकर्ता को सात दिन का नोटिस देगी। पीठ ने रश्मि शुक्ला की ओर से दायर याचिका पर यह आदेश दिया।
विज्ञापन
इस साल अक्टूबर में महाराष्ट्र सरकार ने हाई कोर्ट को बताया था कि रश्मि शुक्ला को मामले में आरोपी के रूप में नामित नहीं किया गया है, लेकिन जांच करने के लिए उनके खिलाफ सामग्री है। रश्मि शुक्ला ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि उन्हें बलि का बकरा बनाया जा रहा है और पुलिस तबादलों और पोस्टिंग में कथित भ्रष्टाचार पर एक रिपोर्ट जमा करने के लिए महाराष्ट्र सरकार द्वारा उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
विज्ञापन