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पेट्रोल-डीजल महंगा होने से भड़के गिग वर्कर्स: पांच घंटे ठप रहेगी फूड डिलीवरी, पैसा बढ़ाने की मांग तेज

Sat, 16 May 2026 11:41 AM IST
Sandhya Kumari न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Sandhya Kumari Updated Sat, 16 May 2026 11:41 AM IST
सार

पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने के बाद गिग वर्कर्स देशभर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। डिलीवरी करने वाले कामगार 20 रुपये प्रति किलोमीटर भुगतान की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही आज दोपहर 12 बजे से शाम पांच बजे तक देशभर में एप सेवाओं को बंद करने की अपील की है। 

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Gig Workers Outraged as Petrol and Diesel Become More Expensive Demand for ₹20 Per Kilometer Payment Intensifi
गिग वर्कर का विरोध प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर अब गिग और एप आधारित वर्कर्स में असंतोष तेज हो गया है। गिग और प्लेटफॉर्म सेवा श्रमिक संघ (जीआईपीएसडब्ल्यूयू) ने सरकार और डिजिटल प्लेटफॉर्म कंपनियों के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है।

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यूनियन ने मांग उठाई है कि डिलीवरी और ट्रांसपोर्ट से जुड़े एप वर्कर्स को न्यूनतम 20 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान किया जाए। इसके अलावा आज दोपहर 12 बजे से शाम पांच बजे तक देशभर में एप सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद रखने की अपील की गई है।

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पेट्रोल और डीजल कीमतें बढ़ने से परेशानी

संघ का कहना है कि 15 मई को पेट्रोल और डीजल के दामों में करीब 3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि ने लाखों गिग वर्कर्स की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। यूनियन के मुताबिक करीब चार वर्षों बाद ईंधन की कीमतों में यह पहली बड़ी राष्ट्रीय स्तर की बढ़ोतरी है।

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जीआईपीएसडब्ल्यूयू के अनुसार देशभर में लगभग 1.2 करोड़ गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स इस फैसले से प्रभावित होंगे। इनमें फूड डिलीवरी, कैब सेवा, लॉजिस्टिक्स और अन्य एप आधारित सेवाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं।

कीमतें बढ़ने से कामगारों पर अतिरिक्त बोझ

यूनियन ने ईंधन कीमतों में उछाल के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया में जारी तनाव को जिम्मेदार ठहराया है। संगठन की अध्यक्ष सीमा सिंह ने कहा कि पेट्रोल-डीजल के साथ पहले से बढ़ी एलपीजी कीमतों ने भी कामगारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है।

न्यूनतम 20 रुपये प्रति किलोमीटर भूगतान करने की मांग

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भुगतान व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं किया गया तो बड़ी संख्या में गिग वर्कर्स इस सेक्टर को छोड़ने के लिए मजबूर हो सकते हैं। सीमा सिंह ने सरकार के साथ-साथ स्विगी, जोमैटो और ब्लिंकिट जैसी कंपनियों से भी न्यूनतम 20 रुपये प्रति किलोमीटर की दर लागू करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि एप आधारित कर्मचारी भीषण गर्मी और खराब मौसम में लगातार दोपहिया वाहन चलाकर काम करते हैं, इसलिए ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर इन्हीं पर पड़ रहा है।

यूनियन ने सभी गिग वर्कर्स से अपील की है कि वे आज दोपहर 12 बजे से शाम पांच बजे तक एप सेवाएं बंद रखकर इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हों।

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