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परीक्षण उल्लंघन मामला: जेनोवा कंपनी जल्द ही एमआरएनए वैक्सीन का आवश्यक डेटा ड्रग रेगुलेटर को सौंपेगी

Sat, 14 May 2022 11:42 PM IST
Jeet Kumar एएनआई, दिल्ली
एएनआई, दिल्ली Published by: Jeet Kumar Updated Sat, 14 May 2022 11:42 PM IST
सार

जेनोवा बायोफार्मास्युटिकल्स के मुताबिक कंपनी ने क्लिनिकल परीक्षण से संबंधित प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं किया है और उत्पाद अनुमोदन के लिए सभी आवश्यक डेटा ड्रग रेगुलेटर को जल्द सौंपेगी।

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Gennova will soon submit necessary data of mRNA COVID 19 vaccine to drug regulator
corona vaccine - फोटो : amar ujala

विस्तार

पुणे स्थित जेनोवा बायोफार्मास्युटिकल्स की पहली देसी एमआरएनए वैक्सीन को कोरोना को लेकर स्वास्थ्य उद्योग में गेम-चेंजर के रूप में देखा जा रहा है। लेकिन इस वैक्सीन को नैदानिक परीक्षण प्रोटोकॉल के उल्लंघन के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है।

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जेनोवा बायोफार्मास्युटिकल्स के प्रवक्ता ने बताया कि कंपनी ने क्लिनिकल परीक्षण से संबंधित प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं किया है और उत्पाद अनुमोदन के लिए सभी आवश्यक डेटा ड्रग रेगुलेटर को जल्द सौंपेगी। कंपनी पर आरोप है कि उसने क्लिनिकल परीक्षण के दौरान कुछ परिवर्तन किए हैं।
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कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि एमआरएनए जैसी वैक्सीन नवीन तकनीकों का उपयोग कर तैयार की गई है। नियामक पूर्व-नैदानिक अध्ययन से लेकर तीसरे चरण के परीक्षणों तक शुरू होने वाले विभिन्न चरणों के दौरान डेटा की लगातार समीक्षा करते हैं और स्पष्टीकरण मांगते हैं। एक मानक प्रक्रिया है। वहीं जेनोवा नियामक एजेंसी के साथ बात कर रही है और अनुमोदन के लिए सभी आवश्यक डेटा और जानकारी प्रस्तुत कर रही है।
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वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय के एक दस्तावेज में कहा गया है कि फर्म ने दूसरे चरण के परीक्षण के बाद या विपणन प्राधिकरण आवेदन जमा करने से पहले समय पर सूचित नहीं किया है। दस्तावेज में तीन बिंदु हैं जो बताते हैं कि नैदानिक परीक्षणों के तहत नियम के अनुसार, संबंधित अधिकारियों से किसी भी अनुमोदन के बिना परिवर्तन नहीं किया जा सकता है।

विषय विशेषज्ञ समिति करेगी आंकड़ों की समीक्षा
जेनोवा ने पिछले महीने भारत के पहले स्वदेशी रूप से विकसित एमआरएनए कोविड वैक्सीन पर दवा नियामक को अंतरिम डेटा प्रस्तुत किया था। अधिकारी ने बताया कि सेंट्रल ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (सीडीएससीओ) ने डेटा पर कंपनी को कुछ सवाल भेजे हैं। उन्होंने कहा कि विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) सीडीएससीओ के आंकड़ों की समीक्षा करने और संतुष्ट होने के बाद ही आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण के अनुदान के लिए आवेदन करेगी। इसके बाद एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि नियामक डेटा की समीक्षा करेगा और फिर यह एसईसी के पास जाएगा।

स्वदेशी तकनीक की पहली वैक्सीन
एमआरएनए वैक्सीन की तकनीक स्वदेशी है और इसमें कहीं से किसी अन्य तकनीकी का सहारा नहीं लिया गया है। सीएसआईआर-सीसीएमबी ने प्रयोगशाला में चूहों पर प्रयोग कर पहली स्वदेशी एमआरएनए वैक्सीन प्रौद्योगिकी के ‘सिद्धांत के प्रमाण’ की सफलता की घोषणा की है।  


अटल इनक्यूबेशन सेंटर-सीसीएमबी (एआईसी-सीसीएमबी) की टीम के नेतृत्व में इस वैक्सीन का विकास किया गया है।सीएसआईआर-सीसीएमबी देश में एमआरएनए वैक्सीन प्रौद्योगिकी के विकास का नेतृत्व कर रहा है। एमआरएनए टीके आज अग्रणी टीका प्रौद्योगिकियों में से एक है। दुनिया ने कोविड-19 महामारी के दौरान पहले एमआरएनए टीकों की शक्ति देखी है।

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