{"_id":"689acf10b05f8163d00e1207","slug":"gaza-crisis-israeli-violence-will-not-break-the-courage-of-those-who-support-the-truth-priyanka-on-the-kil-2025-08-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gaza Crisis: 'इस्राइली हिंसा से नहीं टूटेगा सच का साथ देने वालों का हौसला', पत्रकारों की हत्या पर प्रियंका","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Gaza Crisis: 'इस्राइली हिंसा से नहीं टूटेगा सच का साथ देने वालों का हौसला', पत्रकारों की हत्या पर प्रियंका
Tue, 12 Aug 2025 10:50 AM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: बशु जैन
Updated Tue, 12 Aug 2025 10:50 AM IST
सार
गाजा पर इस्राइल के हमलों में अल-जजीरा के पांच पत्रकारों की मौत हो गई थी। इस्राइली सेना ने हमले में मरने वाले पत्रकार अनस अल शरीफ को हमास का आतंकी करार दिया था। इस मामले में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने नेतन्याहू सरकार को घेरा है।
विज्ञापन
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
इस्राइल के हमले में अल-जजीरा के पांच पत्रकारों की हत्या पर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने नेतन्याहू सरकार को घेरा है। प्रियंका गांधी ने कहा कि अल-जजीरा के पांच पत्रकारों की हत्या फलस्तीनी धरती पर किया गया जघन्य अपराध है। उन्होंने कहा कि जो लोग सच के लिए खड़े होने का साहस करते हैं, उनका हौसला इस्राइली हिंसा से कभी नहीं टूटेगा।
प्रियंका गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि अल-जजीरा के पांच पत्रकारों की निर्मम हत्या फलस्तीनी धरती पर किया गया एक और जघन्य अपराध है। ऐसी दुनिया में जहां अधिकांश मीडिया सत्ता और व्यापार का गुलाम है, इन बहादुर आत्माओं ने हमें याद दिलाया कि सच्ची पत्रकारिता क्या होती है? ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे।
प्रियंका गांधी ने कहा कि इस्राइल नरसंहार कर रहा है। उसने 60 हजार से ज्यादा लोगों की हत्या की है, जिनमें 18,430 बच्चे थे। उसने सैकड़ों लोगों को भूख से मार डाला है। जिनमें कई बच्चे भी शामिल हैं। लाखों लोगों को भूख से मरने का खतरा है। इन अपराधों को चुपचाप और निष्क्रियता से बढ़ावा देना अपने आप में एक अपराध है। यह शर्मनाक है कि भारत सरकार इस्राइल द्वारा फलस्तीन के लोगों पर इस तबाही को ढाए जाने के दौरान चुप बैठी है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: मणिपुर डीजीपी ने पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया, गंभीर कदाचार के आरोप
अल-जजीरा के पांच पत्रकारों की हुई थी मौत
गाजा पर इस्राइल के हमलों में अल-जजीरा के पांच पत्रकारों की मौत हो गई थी। इस्राइली सेना ने एक पत्रकार अनस अल शरीफ को हमास का आतंकी करार दिया था। वहीं इस्राइल के इस कदम की पत्रकारों की सुरक्षा समिति ने निंदा की है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने हमले की निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया।
ये भी पढ़ें: चेन्नई में कार्गो विमान के इंजन में आग लगी, सुरक्षित लैंडिंग कराई गई; किसी के हताहत होने की खबर नहीं
गाजा में काफी सक्रिय थे अनस: अल-जजीरा
पत्रकारों के कैंप पर हुए हमले की सूचना देते हुए अल-जजीरा ने कहा कि हमले में पत्रकार अनस अल-शरीफ अपने चार साथियों के साथ मारे गए। अपने साथियों की मौत की सूचना देते वक्त अल-जजीरा के एंकर भावुक हो गए। अल-जजीरा के मुताबिक अल-शरीफ गाजा में जमीनी स्तर पर काम कर रहे थे। वह गाजा के हालात के बारे में रोज रिपोर्ट देते थे। प्रियंका गांधी गाजा में इस्राइल की कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाती रही हैं और फलस्तीनियों के साथ एकजुटता व्यक्त करती रही हैं।
विज्ञापन
प्रियंका गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि अल-जजीरा के पांच पत्रकारों की निर्मम हत्या फलस्तीनी धरती पर किया गया एक और जघन्य अपराध है। ऐसी दुनिया में जहां अधिकांश मीडिया सत्ता और व्यापार का गुलाम है, इन बहादुर आत्माओं ने हमें याद दिलाया कि सच्ची पत्रकारिता क्या होती है? ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे।
विज्ञापन
प्रियंका गांधी ने कहा कि इस्राइल नरसंहार कर रहा है। उसने 60 हजार से ज्यादा लोगों की हत्या की है, जिनमें 18,430 बच्चे थे। उसने सैकड़ों लोगों को भूख से मार डाला है। जिनमें कई बच्चे भी शामिल हैं। लाखों लोगों को भूख से मरने का खतरा है। इन अपराधों को चुपचाप और निष्क्रियता से बढ़ावा देना अपने आप में एक अपराध है। यह शर्मनाक है कि भारत सरकार इस्राइल द्वारा फलस्तीन के लोगों पर इस तबाही को ढाए जाने के दौरान चुप बैठी है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: मणिपुर डीजीपी ने पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया, गंभीर कदाचार के आरोप
अल-जजीरा के पांच पत्रकारों की हुई थी मौत
गाजा पर इस्राइल के हमलों में अल-जजीरा के पांच पत्रकारों की मौत हो गई थी। इस्राइली सेना ने एक पत्रकार अनस अल शरीफ को हमास का आतंकी करार दिया था। वहीं इस्राइल के इस कदम की पत्रकारों की सुरक्षा समिति ने निंदा की है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने हमले की निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया।
ये भी पढ़ें: चेन्नई में कार्गो विमान के इंजन में आग लगी, सुरक्षित लैंडिंग कराई गई; किसी के हताहत होने की खबर नहीं
गाजा में काफी सक्रिय थे अनस: अल-जजीरा
पत्रकारों के कैंप पर हुए हमले की सूचना देते हुए अल-जजीरा ने कहा कि हमले में पत्रकार अनस अल-शरीफ अपने चार साथियों के साथ मारे गए। अपने साथियों की मौत की सूचना देते वक्त अल-जजीरा के एंकर भावुक हो गए। अल-जजीरा के मुताबिक अल-शरीफ गाजा में जमीनी स्तर पर काम कर रहे थे। वह गाजा के हालात के बारे में रोज रिपोर्ट देते थे। प्रियंका गांधी गाजा में इस्राइल की कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाती रही हैं और फलस्तीनियों के साथ एकजुटता व्यक्त करती रही हैं।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन